हाइपोथायरायडिज्म के 9 घरेलू उपचार – Hypothyroidism Home Remedies in Hindi

Note – हाइपोथायरायडिज्म के उचित निदान और उपचार के लिए सबसे पहले अपने डॉक्टर से जाँच कराएँ। नीचे दिए गए नुस्खों को थाइरोइड के इलाज में सहायक उपचार की तरह अपनाएं।

थाइरोइड हमारे गले के अन्दर मौजूद एक ग्रंथि होती हैं जिसका मुख्य काम होता है शरीर की ऊर्जा और मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करना। इस ग्रंथि में से थायरोक्सिन नामक हॉर्मोन निकलता है।

जब थाइरोइड ग्रंथी सामान्य से कम काम करती है तब इस अवस्था को हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है।

हाइपोथायरायडिज्म के कुछ सामान्य लक्षण हैं – थकान, cold sensitivity बढ़ना, कब्ज, ड्राई स्किन, चेहरा सूजना, गला बैठना, आवाज में बदलाव आना, मांसपेशियों में ऐंठन, अचानक वजन बढ़ना, डिप्रेशन और बालों और नाखूनों का कड़क होना

कुछ प्राकृतिक घरेलू उपचारों को अपनाकर हाइपोथायरायडिज्म को रोका जा सकता है। इनमें से 10 सबसे कारगर उपचार नीचे दिए जा रहे हैं –

1. नारियल का तेल (Coconut Oil)

नारियल के तेल में मध्यम श्रृंखला की फैटी एसिड्स होती हैं जो थायराइड के कामकाज को ठीक करती हैं। यह मेटाबोलिज्म को भी उत्तेजित करती हैं और ऊर्जा को बढ़ाती हैं। साथ ही नारियल का तेल शरीर के तापमान को बढ़ाने में मदद करता है जो लो थाइरोइड को ठीक करने में मददगार होता है।

  • अपने खाने के तेल में नारियल के तेल का इस्तेमाल करें। खाना पकाने के लिए हमेशा एक्स्ट्रा वर्जिन कोकोनट आयल (extra virgin organic coconut oil) का ही इस्तेमाल करें।
  • रोज सुबह नास्ते के दौरान दो चम्मच नारियल के तेल को दूध में डालकर सेवन करें।

2. सिवार (Kelp)

सिवार एक समुद्री शैवाल होता है। इसमें भरपूर मात्रा में आयोडीन और अन्य खनिज पदार्थ होते हैं। आयोडीन की कमी कारण होने वाले हाइपोथायरायडिज्म में यह काफी फायदेमंद हर्ब है। परन्तु ऑटो इम्यून (autoimmune) थाइरोइड की परेशानी से पीड़ित मरीजों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि उनपर इसके उल्टे प्रभाव हो सकते हैं।

इसलिए इस हर्ब के सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। यदि आपके लिए उपयुक्त हो तभी इसका सेवन करें।

3. एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर भी थाइरोइड के इलाज में फायदेमंद होता है। यह शरीर में विषहरण (detoxification) की प्रक्रिया को बढ़ाता है, एसिड-एल्कलाइन के स्तर को संतुलित करता है, वजन कम करने में मदद करता है और हॉर्मोन को रेगुलेट करके उनके एनर्जी मेटाबोलिज्म को ठीक करता है।

एप्पल साइडर विनेगर अन्य स्वास्थ्य समस्यायों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल आदि में भी फायदेमंद होता है।

  • एक गिलास गर्म पानी में दो चम्मच आर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर डालें।
  • अब इसमें स्वादानुसार शहद डाल दें।
  • इसे रोज एक बार सेवन करें।

4. मछली का तेल (Fish Oil)

मछली का तेल थाइरोइड हॉर्मोन को बढ़ाता है और थाइरोइड के कामकाज को ठीक करने में मदद करता है। इसमें अत्यधिक ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होने के कारण यह इन्फ्लामेशन से लड़ता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

डॉक्टर से सलाह लेकर फिश आयल के सप्लीमेंट का सेवन करें खास तौर से तब जब आप रक्त को पतला करने वाली दवायों का सेवन कर रहे हों। सामान्य रूप से इसे रोज 3 gm मात्रा में लिया जाता है।

 5. विटामिन डी

विटामिन डी की कमी के कारण भी हाइपोथायरायडिज्म की समस्या हो सकती है।

रोज सुबह की धूप में शरीर को सेंकने से उचित विटामिन डी प्राप्त हो सकता है। इसलिए रोज सुबह कपड़े उतारकर 15 मिनट के लिए धूप में बैठें। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता और कैल्शियम मेटाबोलिज्म को ठीक रखने में भी मदद करता है।

6. गुग्गुल की गोंद

गुग्गुल के पेड़ (Commiphora Mukul) की गोंद भी हाइपोथायरायडिज्म के इलाज में काफी फायदेमंद होती है। कुछ अनुसंधानों से यह पता चला है कि गुग्गुल की गोंद में guggulsterones नामक यौगिक होता है जो थाइरोइड को उत्तेजित करता है। साथ ही इसमें एंटी-इन्फ्लामेटरी, एंटी-ओबेसिटी और कोलेस्ट्रॉल को कम करने के गुण भी होते हैं।

यह हर्ब दवा के रूप में उपलब्ध होता है। डॉक्टर से सलाह लेकर उचित डोस लें। सामान्य तौर पर इसकी 25 mg की मात्रा को दिन में तीन बार लिया जाता है। इसके डोस लेते समय शरीर के T3 और T4 हॉर्मोन के लेवल को मॉनिटर करना जरूरी होता है क्योंकि यह T4 से T3 के रूपांतरण की प्रक्रिया को बढ़ा देता है।

सावधानी – गुग्गुल अन्य दवायों जैसे एस्ट्रोजन मेडिसिन, गर्भनिरोधक गोलियाँ (birth control pills), बीटा-ब्लॉकर आदि के साथ रिएक्शन कर सकता है इसलिए इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

7. इवनिंग प्रिमरोज आयल (Evening Primrose Oil)

इवनिंग प्रिमरोज आयल में gamma linoleic acids (GLAs) होने के कारण इसके एंटी-इन्फ्लामेटरी फायदे होते हैं और यह थाइरोइड हॉर्मोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।

साथ ही यह हाइपोथायरायडिज्म के कारण होने वाली समस्याएं जैसे बाल झड़ना और भारी माहवारी (heavy menstrual flow) को कम करता है

सामान्य तौर पर रोज दो से आठ ग्राम इवनिंग प्रिमरोज आयल का सेवन करना चाहिए। आपके लिए इसके उचित डोस को जानने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

8. अदरक (Ginger)

अदरक जिंक, मैग्नीशियम और पोटैशियम का अच्छा स्त्रोत होता है और इसमें मौजूद एंटी-इन्फ्लामेटरी गुण थाइरोइड के कामकाज को ठीक रखती है।

  • अदरक को सूप, सब्जी, सलाद आदि में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आप अदरक की चाय का भी सेवन कर सकते हैं। इस हर्बल टी को बनाने के लिए सबसे पहले पानी में अदरक के कटे टुकड़े डालकर उबालें। पांच मिनट के बाद इसे उतारकर छान लें और शहद मिलाकर सेवन करें।

9. विटामिन बी

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों को कम करने के लिए और थाइरोइड को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी1, बी2, बी3, बी4… बी12 आदि युक्त पदार्थों का नियमित सेवन करें।

कुछ अनुसंधानों से यह बात सामने आई है कि जिन लोगों को हाइपोथायरायडिज्म की बीमारी होती है उन्हें विटामिन बी12 की कमी भी होती है।

इसलिए अपने भोजन में साबुत अनाज और दालों को शामिल करें।

1 Response

  1. रूही कहते हैं:

    थाइरोइड में मुलेठी कितनी मददगार है और कैसे खाई जाती है?

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