दही खाने के 10 फायदे – Yogurt Benefits in Hindi

दही एक दुग्ध पदार्थ होता है जो दूध को जमाकर बनाया जाता है। स्वाद अच्छा होने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।

दही पोषक पदार्थों से भरपूर होता है। इसमें अत्यधिक मात्रा में कैल्शियम होता है और यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को भी बढ़ाता है। इसलिए कैल्शियम की कमी के मरीजों के लिए दही का सेवन काफी लाभकारी होता है।

साथ ही दही में आसानी से पचने वाला प्रोटीन भी पाया जाता है। इसमें में पाए जाने वाले अन्य पोषक पदार्थ निम्न हैं – राइबोफ्लेविन, बी विटामिन्स, फोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड, पोटैशियम, फॉस्फोरस, आयोडीन और जिंक

स्वास्थ्य के दही अत्यधिक फायदेमंद होता है इसलिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग रोज इसका सेवन करते हैं। आजकल बाजार में कई प्रकार का दही पाया जाता है जिनमें ‘गुड बैक्टीरिया’ वाला सबसे अधिक फायदेमंद होता है। गुड बैक्टीरिया से युक्त दही पर ‘probiotic yogurt’ का लेबल लगा होता है।

स्वास्थ्य के लिए दही के 10 सबसे अच्छे फायदे नीचे दिए जा रहे हैं –

1. पाचन को बढ़ाता है

दही एक आसानी पचने वाला खाद्य पदार्थ होता है। साथ ही इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया या प्रोबायोटिक्स, भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं और शरीर में नियमितता को बढ़ावा देते हैं। पेट सम्बन्धी बिमारियों जैसे कब्ज, दस्त (डायरिया) और पेट दर्द में दही अत्यधिक फायदेमंद होता है।

अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए रोज लगभग एक कप कम वसा वाले दही का सेवन करें।

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाता है

कुछ शोधों के अनुसार, लगातार तीन महीनों तक रोज एक से दो कप प्रोबायोटिक दही का सेवन करने वाले लोगों में इम्युनिटी बूस्टिंग सेल्स का लेवल अन्य लोगों से अधिक होता है।

दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया शरीर की आंतों को मजबूत बनाता है, पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है और और पाचन तंत्र को ठीक करता है। इन सभी कारणों से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

अपनी इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए रोज प्रोबायोटिक दही का सेवन करें।

3. वजन घटाने में मदद करता है

दही आपकी वजन कम करने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकता है। प्रोबायोटिक दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया, शरीर के मेटाबोलिज्म और पाचन को बढ़ाते हैं। इससे शरीर को उचित मात्रा में जरुरी पोषक तत्व मिल जाते हैं और हमें बार-बार भूख नहीं लगती।

साथ ही, दही में मौजूद अत्यधिक कैल्शियम, शरीर में फैट सेल्स को कम कोर्टिसोल निकालने देता जिससे आपकी वजन कम करने की प्रक्रिया सरल हो जाती है। इसके आलावा दही में एमिनो एसिड्स भी होती हैं जो अतिरिक्त वसा को जलाने में मदद करती हैं।

इसलिए मोटापा कम करने के लिए रोज दही का सेवन करें।

4. योनि में यीस्ट संक्रमण (Vaginal Yeast Infections) को ठीक करता है

जिन महिलायों को मधुमेह होता है उन्हें योनी में यीस्ट का संक्रमक होने की सम्भावना काफी अधिक होती है। दही एक प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ होता है जिसमें लेक्टोबेसिल्लुस एसिडोफिलस (Lactobacillus acidophilus) पाए जाते हैं जो यीस्ट को मारकर संक्रमण को खत्म कर देते हैं। साथ ही यह योनी के अन्दर pH बैलेंस को ठीक कर देता है जिससे फिरसे यीस्ट इन्फेक्शन होने की सम्भावना कम हो जाती है।

योनी में यीस्ट इन्फेक्शन होने की सम्भावना को कम करने के रोज 250 gm दही को बिना चीनी के सेवन करें। यदि आपको यीस्ट इन्फेक्शन है तो एक tampon में थोड़ा सा दही लगाकर योगी में दो घंटे के लिए डाले रखें। यह प्रक्रिया कुछ हफ्तों तक रोज करें।

5. उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) को रोकता है

उच्च रक्तचाप होने का सबसे बड़ा कारण होता है नमक का अत्यधिक सेवन। दही में मौजूद पोटैशियम शरीर के अतिरिक्त सोडियम को सोखकर बाहर निकाल देता है।

2012 में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में हुई एक रिसर्च के अनुसार जो लोग रोज कम वसा वाले दही का सेवन करते हैं उनमें अन्य लोगों की तुलना में उच्च रक्तचाप होने की 31 प्रतिशत कम सम्भावना होती है।

इसलिए रोज एक कप कम वसा वाले दही का सेवन करें।

6. कोलेस्ट्रॉल को कम करता है

प्रोबायोटिक दही शरीर के कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में काफी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद जीवाणु, लिवर में कोलेस्ट्रॉल संश्लेषण को कम कर देते हैं। साथ ही कुछ प्रोबायोटिक्स, पित्तरस के साथ जुड़कर कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

इसलिए यह type-2 diabetes वाले मरीजों में कोई भी हृदय रोग होने की सम्भावना को काफी कम कर देता है।

2011 में जर्नल ऑफ डायरी साइंस में हुई एक रिसर्च में यह पाया गया कि जिन type-2 diabetes वाले मरीजों ने रोज 250 gm प्रोबायोटिक दही का सेवन किया उनमें टोटल कोलेस्ट्रॉल और लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन का स्तर अन्य मरीजों के मुकाबले काफी कम हो गया।

इसलिए जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल की बीमारी है उन्हें रोज कम से कम दो कप ‘गुड बैक्टीरिया’ वाले दही का सेवन करना चाहिए।

7. पेट के कैंसर से बचाता है

पेट को स्वस्थ रखने के लिए दही काफी फायदेमंद खाद्य पदार्थ होता है। दही में लैक्टोबैसिलस नामक बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो पेट में अन्य गुड बैक्टीरिया के प्रोडक्शन को बढ़ा देते हैं। इसके कारण कोई भी पेट की बीमारी होने की सम्भावना काफी कम हो जाती है।

यह गुड बैक्टीरिया पेट में मौजूद अन्य बीमारी फैलाने वाले हानिकारक सूक्ष्मजीवों को मार देते हैं। साथ ही, दही में मौजूद कैल्शियम, पेट में कैंसर पैदा करने वाली पित्त एसिड्स के साथ जुड़ जाता है और उन्हें पेट की अंदरूनी दीवारों से दूर रखता है।

इसलिए अपने पेट को स्वस्थ रखने के लिए रोज सुबह खाली पेट दही का सेवन करें।

8. मुंह को स्वस्थ रखने में मदद करता है

दही, मुंह की बदबू को दूर करता है और दांतों को कैविटी से बचाए रखता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड, दांतों और मसूड़ों को हार्मफुल बैक्टीरिया से बचाती है। यह मुंह के छाले और पायरिया को ठीक करने में भी मददगार होता है।

साथ ही, दही कैल्शियम और प्रोटीन का काफी अच्छा स्त्रोत होता है। यह दोनों पोषक तत्व मुंह को स्वस्थ रखने में एक अहम भूमिका अदा करते हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया, मुंह सांसो की बदबू पैदा करने वाले बैड बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते।

रोज 50 gm दही का सेवन मुंह की बिमारियों से दूर रहने के लिए काफी है।

9. ऑस्टियोपोरोसिस होने से रोकता है

ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी में हड्डियाँ कमजोर और नाजुक हो जाती हैं जिसके कारण चलने-फिरने में काफी दर्द महसूस होता है। दही में मौजूद कैल्शियम, विटामिन डी और गुड बैक्टीरिया शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और उनके घनत्व (density) को बढ़ाते हैं। इसके कारण ऑस्टियोपोरोसिस होने की सम्भावना काफी कम हो जाती है।

इसलिए अपनी हड्डियों को मजबूत बनाये रखने के विटामिन डी युक्त दही का खूब सेवन करें। बाजार से दही खरीदते समय उसके लेबल पर विटामिन डी की मात्रा को चेक करके लें।

10. बालों को स्वस्थ बानाता है

बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाये रखने में भी दही लाभकारी होता है।

दही में बालों के लिए फायदेमंद जिंक, लैक्टिक एसिड, प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक पदार्थ पाए जाते हैं। इसलिए यह बालों का झड़ना कम करके उन्हें घना बनाता है, रूसी (dandruff) को कम करता है और सर की खुजली को दूर करता है। साथ ही, दही सूखे और डैमेज बालों के लिए एक अच्छे नेचुरल कंडीशनर की तरह काम करता है और उन्हें फिर से मुलायम और नमीयुक्त बनाने में मदद करता है।

डेढ़ कप दही को अच्छी तरह से सम्मिश्रण करके बालों पर लगायें। 30 मिनट के बाद बालों को शैम्पू से धो लें। अपने बालों को स्वस्थ और मुलायम बनाये रखने के लिए इस हेयर ट्रीटमेंट को हफ्ते में एक या दो बार करें।

दही का नियमित सेवन करने से शरीर की कई पोषक तत्वों की पूर्ति है और हमारा शरीर कई गंभीर बिमारियों से बचा रहता है।

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1 Response

  1. पूरण कहते हैं:

    मुझे बवासीर के लक्षण दिखाई दे रहे हैं वो भी बाहर के हिस्से में 2 मस्से जैसे लग रहे हैं उपाय चाहिए.

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