खुजली ठीक करने के 10 घरेलू इलाज – Eczema Home Remedies in Hindi

खुजली होना काफी सामान्य क्रोनिक समस्या है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है लेकिन ज्यादातर यह बच्चों और वयस्कों में होती है।

एक्जिमा या खुजली के सामान्य लक्षण हैं – रूखी त्वचा (dry skin), स्किन लाल होना (redness), सूजन (swelling), स्किन पर पपड़ी पड़ना, फफोले होना और लगातार खुजली होना। यह शरीर के विभिन्न भागों जैसे चेहरा, हाथ, एडियां, घुटनों के पिछले भाग, गर्दन और ऊपरी छाती।

खुजली होने के निम्न कारण हो सकते हैं – अनुवांशिकता (बीमारी का पारिवारिक इतिहास), एलर्जी, प्रदूषण, पसीना के कारण और भावनात्मक तनाव (emotional stress) के कारण। एक्जिमा क्रोनिक (पुरानी) या एक्यूट (अचानक होने वाली) दोनों में से कोई एक हो सकती है।

यदि खुजली का इलाज न किया जाये तो इसके कारण कई प्रकार की असुविधाएं हो सकती हैं। इसको ठीक करने के लिए बाजार में कई मेडिसिन्स उपलब्ध होती हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर केमिकल युक्त होती हैं जिनके कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इसलिए खुजली को ठीक करने के लिए प्राकृतिक घरेलू उपचार ज्यादा उचित होते हैं।

यहां पर खुजली या एक्जिमा को ठीक करने के लिए 10 सबसे कारगर घरेलू नुस्खे दिए जा रहे हैं –

1. नारियल का तेल (Coconut Oil)

नारियल के तेल को खुजली के उपचार में सबसे कारगर घरेलू नुस्खा माना जाता है। इसमें एंटी-फंगल (कवक रोधी), एंटीबैक्टीरियल (जीवाणुरोधी), एंटीमाइक्रोबियल (रोगाणुरोधी) और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं।

साथ ही, इसमें भरपूर मात्रा में हेल्थी विटामिन्स और न्यूट्रीएंट्स जैसे लोरिक एसिड और विटामिन के और ई पाए जाते हैं जो खुजली से लड़ते हैं और स्किन को आराम प्रदान करते हैं। अच्छे रिजल्ट पाने के लिए अपरिष्कृत (unrefined) और कोल्ड-प्रेस्ड कोकोनट आयल का ही इस्तेमाल करें।

  • नारियल के तेल को सीधे खुजली से प्रभावित एरिया में लगायें। ऐसा रोज दिन में चार-पांच बार करें।
  • आप नारियल के तेल का सेवन करके भी खुजली के लक्षणों को कम कर सकते हैं। रोज दो से चार चम्मच तेल का सीधे सेवन करें या अपने भोजन में मिलाएं।

2. बारीक ओटमील (Colloidal Oatmeal)

बारीक ओटमील भी खुजली के इलाज में फायदेमंद होता है। इसमें anti-irritating, anti-inflammatory और soothing properties होती हैं जो खुजलाहट और दर्द को कम करती हैं।

  • हलके गर्म पानी के बाथ टब में दो कप बारीक ओटमील मिला दें। अब इसमें 15 से 20 मिनट के लिए पूरे शरीर को डुबोकर रखें। बाहर निकलकर अपनी स्किन को जेंटली थपथपाएं और कोई हलका मॉइस्चराइजर लगायें।
  • या फिर, दो चम्मच ओटमील में एक चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को खुजली वाले स्थान पर धीरे-धीरे लगायें। 15-20 मिनट के लिए इसे सूखने दें और फिर साफ कर लें।

इन दोनों में से कोई भी एक उपचार को हर हफ्ते तीन बार करें।

3. हल्दी (Turmeric)

स्किन की किसी भी प्रकार की परेशानी में हल्दी को काफी फायदेमंद माना जाता है। 2010 में Journal of Drugs in Dermatology में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार हल्दी और अन्य हर्ब्स जिनमें एंटीऑक्सीडेंट क्वालिटीज होती हैं, स्किन को स्वस्थ रखने में काफी मददगार होती हैं।

साथ ही, हल्दी में curcumin नामक एक्टिव घटक होता है, जिसमें एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटीबैक्टीरियल (जीवाणुनाशक) प्रॉपर्टीज होती हैं जो स्किन के इन्फ्लामेशन और खुजली को ठीक करने में मदद करती हैं।

  • डेढ़ चम्मच हल्दी के पाउडर में जरूरत अनुसार दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को प्रभावित स्किन में रोज दो बार लगायें।
  • या फिर, एक कप उबले पानी में डेढ़ चम्मच हल्दी घोलें और फिर 10 मिनट के लिए ठंडा होने दें। अब इसका सेवन करें या प्रभावित क्षेत्र में लगायें।

इनमें से किसी भी एक उपचार को नियमित रूप से रोज करें।

4. नीम

नीम भी खुजली दूर करने में अत्यधिक फायदेमंद होती है। शोधों से पता चला है कि नीम में एंटीबैक्टीरियल (जीवाणुरोधी), एनाल्जेसिक (दर्द निवारक), एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटीमाइक्रोबियल (रोगाणुरोधी) प्रॉपर्टीज होती हैं जो खुजली के लक्षणों जैसे सूखापन, दर्द, लालिमा, सूजन और इन्फ्लामेशन में आराम प्रदान करने में मदद करती हैं।

साथ ही, नीम के तेल में भरपूर मात्रा में जरूरी फैटी ऑयल्स और विटामिन ई पाए जाते हैं, जो प्रभावित स्किन को नम बनाये रखने में मदद करते हैं।

नीम की पत्तियां और नीम आयल, दोनों को एक्जिमा के उपचार में इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • एक-एक चम्मच हल्दी की जड़ का पाउडर, नीम की पत्तियों का पाउडर और तिल के तेल को मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इसे प्रभावित क्षेत्र में लगायें और सूखने दें, और फिर हल्के गर्म पानी से साफ कर लें। इस उपचार को लगातार एक महीने के लिए रोज एक बार करें।
  • या फिर, नहाने के बाथ टब के पानी में नीम के तेल की कुछ बूंदें मिलाएं और फिर इसमें अपने पूरे शरीर को 20 मिनट के लिए डुबोये रखें। इसके बाद अपने शरीर को सूखने दें और कोई प्राकृतिक मॉइस्चराइजर लगायें। इस उपचार को भी रोज एक बार करें।

5. एलोवेरा (Aloe Vera)

एलोवेरा में कुछ ऐसी प्रॉपर्टीज होती हैं जो खुजली के ट्रीटमेंट में मदद करती हैं। इसमें एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज भी होती हैं जो खुजली की जलन में आराम प्रदान करती हैं। साथ ही, एलोवेरा में एंटी-माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज भी होती हैं जो स्किन में इन्फेक्शन होने से रोकती हैं। इसके आलावा एलोवेरा स्किन को हाइड्रेट रखता है और सूखने नहीं देता।

  • ताजा एलोवेरा की पत्तियों में से जेल निकाल लें। आप इसमें विटामिन ई आयल की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं।
  • अब इस जेल को अपनी स्किन पर लगायें।
  • अब इसे सूखने दें और फिर गर्म पानी से धो लें।
  • इस उपचार को रोज दो बार करें जबतक कि एक्जिमा पूरी से ठीक न हो जाये।

6. सेंधा नमक (Epsom Salt)

एक्जिमा जैसी सीरियस स्किन कंडीशन्स में सेंधा नमक भी लाभकारी होता है। इसमें मैग्नीशियम सल्फेट होता है, जिसमें एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं, जो इन्फ्लामेशन को कम करती हैं और खुजली में आराम प्रदान करती हैं।

साथ ही, सेंधा नमक शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने में भी मदद करता है और इसके एंटीमाइक्रोबियल इफ़ेक्ट एक्जिमा के घावों को ठीक करता है।

  • गर्म पानी से भरे बाथ टब में दो कप सेंधा नमक मिलाएं।
  • अब ऊपर से 10-15 बूंदें लैवेंडर के तेल की डाल दें।
  • अब इसमें अपने पूरे शरीर को 15-20 मिनट के लिए डुबोये रखें।
  • इसके बाद अपने शरीर को ठीक से सुखा लें और मॉइस्चराइजर लगा लें।
  • इस उपचार को हर हफ्ते तीन बार करें।

नोट – जिन लोगों को दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और मधुमेह (डायबिटीज) की समस्या है वो सेंधा नमक का इस्तेमाल न करें।

7. कैमोमाइल (Chamomile)

कैमोमाइल भी खुजली के उपचार में काफी प्रचलित उपचार है। कैमोमाइल में फ्लेवोनॉयड्स (flavonoids) होते हैं, जिनमें एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं, जो स्किन की खुजली, इन्फ्लामेशन, सूजन और लालिमा (रेडनेस) को कम करने में मदद करती हैं।

  • एक चम्मच सूखे कैमोमाइल फ्लावर की पत्तियों को एक कप उबलते पानी में डालें। अब इसे 15 मिनट के लिए हल्की आंच में उबलने दें और पानी को छानकर ठंडा होने के लिए रख दें। अब एक साफ कपड़े को इस पानी में भिगो लें और एक्जिमा वाले स्थान पर 10-15 मिनट के लिए रखें। इस उपचार को रोज तीन बार करें जब तक कि लक्षण पूरी तरह से ठीक न हो जायें।
  • या फिर, एक चम्मच जैतून के तेल (ओलिव आयल) में कुछ बूंदें कैमोमाइल आयल की मिला लें। अब इसे प्रभावित क्षेत्र में लगाकर 10 मिनट के लिए मालिश करें। इस उपचार को रोज दो बार करें जबतक कि परेशानी पूरी तरह से ठीक न हो जाये।

8. चंदन (Sandalwood)

आयुर्वेद में चन्दन को स्किन प्रॉब्लम्स को ठीक करने में उपयोगी माना जाता है। इसमें कूलिंग, एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं जो खुजलीदार सूखी स्किन को आराम प्रदान करने में मदद करती हैं। साथ ही, चन्दन एक्जिमा के निशान को हटाने में भी मदद करता है।

  • एक-एक चम्मच चंदन और कपूर में जरूरत अनुसार गुलाब जल या सादा पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें।
  • इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र में लगायें।
  • अब इसे 10 मिनट के लिए लगा रहने दें और फिर हल्के गर्म पानी से धो लें।
  • इस उपचार को रोज दिन में दो बार दोहराएं।

9. जायफल (Nutmeg)

जायफल में एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं जो खुजली के इन्फ्लामेशन और दर्द को कम करने में मदद करती हैं। इसी कारण जायफल को कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल किया जाता है। आप जायफल को cheese grater से पीसकर पाउडर तैयार कर सकते हैं।

  • एक चम्मच जायफल के पाउडर को एक चम्मच जैतून के तेल में मिलाकर मोटा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र में 15-20 मिनट के लिए लगाये रखें और फिर ठन्डे पानी से धो लें।
  • या फिर, जायफल, दालचीनी और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर पेस्ट बनायें और खुजली वाले स्थान पर 30 मिनट के लिए लगाकर रखें।

10. खीरा (Cucumber)

खीरा में हाई वाटर कंटेंट और स्ट्रोंग एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होने के कारण इसे भी खुजली के उपचार में लाभकारी माना जाता है।

  • एक खीरा को स्लाइसेस में काट लें और दो घंटे के लिए पानी में डुबोकर रख दें। अब इस पानी को छान लें और प्रभावित क्षेत्र में लगायें। अब इसे अपनेआप सूखने दें और फिर कुनकुने पानी से धो लें। इस उपचार को दिन में तीन-चार बार करें।
  • या फिर, खीरा के स्लाइसेस को खुजली पर 30 मिनट के लिए रखें। इसे भी दिन में तीन-चार बार करें।

खुजली को ठीक करने के ऊपर दिए गए उपचारों को नियमित रूप से अपनाएं। इसके साथ-साथ अपनी स्किन को हाइड्रेटेड और नम बनाये रखने की भी कोशिश करें। खूब पानी पियें और हाई वाटर कंटेंट वाले खाद्य पदार्थ जैसे खीरा, तरबूज आदि का सेवन करें।

साथ ही, रोज एक कप पानी में एक चम्मच सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर) को मिलाकर सेवन करें और सेब के सिरका में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर प्रभावित एरिया में लगायें।

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