कमजोरी दूर करने के 10 घरेलू उपाय – Weakness Home Remedies in Hindi

कमजोरी होना या सुस्ती का अनुभव करना एक आम समस्या है। यह तब होती है जब शारीरिक या मांसपेशियों की ताकत में कमी आती है।

कमजोरी के कारण आपमें रोजमर्रा के कामकाज करने की भी ताकत नहीं बचती और आप दिनभर निष्क्रियता, थकान और किसी भी काम में गैरदिलचस्पी का अनुभव कर सकते हैं।

इसके अन्य लक्षण हैं – अत्यधिक पसीना आना, भूख न लगना, किसी भी काम में ध्यान लगाने में मुश्किल होना और सोते समय नींद न लगना

आपमें कमजोरी के निम्न कारण हो सकते हैं – शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी, पर्याप्त नींद न लेना, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना, अत्यधिक शराब का सेवन, समय पर भोजन न करना, मानसिक तनाव और अत्यघिक शारीरिक काम करना

लम्बे समय तक बार-बार कमजोरी होने का कारण कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे खून की कमी (एनीमिया), गठिया रोग, हाइपोथायरायडिज्म, कोई नींद की बीमारी, कैंसर, क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम, डायबिटीज और दिल की बीमारी। इन समस्याओं के दौरान आपमें कमजोरी होने के सटीक कारण का पता लगाने की जरूरत होती है।

आपको अपने जीवन में ऊर्जावान और ताजा महसूस करने के लिए निम्न चीजें करना जरूरी होता है –

  • रोज कम से कम 30 मिनट के लिए एक्सरसाइज करें।
  • अपने वजन को आदर्श स्थिति में बनाये रखें।
  • स्वस्थ आहार का सेवन करें और समय पर खाएं।
  • पूरी नींद लें।
  • अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिनभर खूब पानी पियें।
  • शराब का सेवन और धूम्रपान न करें।

कुछ आसान घरेलू नुस्खों को अपनाकर भी आप अपनी ऊर्जा को बड़ा सकते हैं और अपनी ताकत को वापस पा सकते हैं।

यहाँ पर कमजोरी दूर करने वाले 10 सबसे कारगर घरेलू नुस्खे दिए जा रहे हैं –

1. केला

केला में भरपूर प्राकृतिक शुगर जैसे सुक्रोज (sucrose), फ्रुक्टोज़ (fructose) और ग्लूकोस पाए जाते हैं। इसलिए यह आपको जल्दी पर्याप्त ऊर्जा प्रदान कर सकता है।

साथ ही, केला में पोटैशियम होता है। हमारे शरीर में शुगर को ऊर्र्जा में बदलने के लिए पोटैशियम की जरूरत पड़ती है।

केला में मौजूद फाइबर भी हमारे रक्त में ग्लूकोस के लेवल को हाई रखने में मदद करता है।

  • जब भी आपको कमजोरी महसूस हो तो एक केला का सेवन करें। आप केला का शेक या स्मूथी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।
  • या फिर, रोज एक पके केले को दो चम्मच शहद के साथ सेवन करें।

2. बादाम

बादाम विटामिन E से भरपूर होता है, जो आपको ऊर्जा प्रदान करने में और कमजोरी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।

साथ ही, बादाम में मौजूद अत्यधिक मैग्नीशियम हमारे शरीर में प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट्स को एनर्जी में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। शरीर में थोड़ी सी भी मैग्नीशियम की कमी होने पर आपको कमजोरी का अनुभव हो सकता है।

  • दो बादाम, एक सूखा अंजीर और थोड़ी सी किशमिश को पानी में डुबोकर रातभर के लिए रख दें। सुबह इस पानी को छानकर पी लें। और फिर बादाम, अंजीर और किशमिश को एक-एक करके खा लें।
  • साथ ही, हमेशा अपनी जेब में भुने बादाम रखें और जब भी आपको कमजोरी या थकान का अनुभव हो तो दो-तीन बादाम खा लें।

3. दूध

दूध को कमजोरी दूर करने में मदद करने वाले बी विटामिन्स के सबसे बड़े स्त्रोतों में से एक माना जाता है। साथ ही, इसमें कैल्शियम भी भरपूर होता है जो आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

  • जब भी आपको कमजोरी हो तो एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।
  • या फिर, एक कप दूध में दो-तीन अंजीर उबाल लें। अब इस दूध को पी लें और अंजीरों को खा लें।
  • या फिर, रोज दिन में दो बार एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच घी घोलकर सेवन करें। यह उपचार अत्यधिक रक्त के नुकसान के कारण होने वाली कमजोरी को जल्दी ठीक करने में काफी मददगार होता है।

4. आंवला

यह पौष्टिक और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ भी आपके ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

यह विटामिन C, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट्स और फॉस्फोरस का अच्छा स्त्रोत होता है।

रोज सिर्फ एक आंवला का सेवन ही आपकी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है।

  1. कुछ आंवला लें और बीज नकाल कर अलग कर दें।
  2. अब इनको जूसर में डालकर जूस बना लें।
  3. अब इस जूस की तीन चमच मात्रा में दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।
  4. एक हफ्ते के लिए रोज इसको दो-तीन बार सेवन करें।

5. जिनसेंग (Ginseng)

जिनसेंग को प्राचीन काल से ही एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है जो एनर्जी को बढ़ाने में मदद करता है।

साथ ही, यह औषधि आपकी तंत्रिकाओं (nerves) पर शांतिदायक और सुखदायक प्रभाव डालती है।

  1. एक जिनसेंग की जड़ को पतले स्लाइसेस में काट लें।
  2. अब 8-10 स्लाइसेस को तीन कप पानी में डालकर, हलकी आंच में 15 मिनट के लिए उबालें।
  3. उबलने के बाद इस पानी को छान लें और शहद मिलाकर चाय की तरह सेवन करें।
  4. रोज इस चाय की 2-3 कप मात्रा का सेवन करें।

चेतावनीहाई ब्लड प्रेशर के मरीज जिनसेंग का सेवन न करें।

6. मुलेठी

मुलेठी भी एक ऐसी औषधी है जो कमजोरी के विभिन्न लक्षणों से लड़ सकती है। यह शरीर में प्राकृतिक रूप से उत्पादित होने वाले एड्रेनल हॉर्मोन को उत्तेजित करती है, जिससे आपकी ऊर्जा और मेटाबोलिज्म में एकदम से बढ़ोतरी होती है।

  1. एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच मुलेठी का पाउडर और दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।
  2. इसको रोज दो बार सेवन करें।

चेतावनी: कुछ लोगों में मुलेठी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है, इसलिए इसका नियमित सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

7. आम

आम एक स्वादिष्ट और जूसी फल होता है जिसमें शरीर को स्वस्थ रखने वाले विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है।

इसमें डाइटरी फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कॉपर भी भरपूर होता है।

साथ ही, इसमें मौजूद आयरन शरीर में रेड ब्लड सेल्स की मात्रा को बढ़ाकर, खून की कमी होने से रोकता है। इतना ही नहीं, आम में स्टार्च होता है जो शरीर में शुगर में बदलकर तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।

  • कमजोरी के दौरान एक गिलास आम के जूस का सेवन करने से आपके शरीर में ऊर्जा बनने की प्रक्रिया तेज होगी।
  • आप एक पके आम को काटकर खा भी सकते हैं। अधिक फायदा लेने के लिए, आम के स्लाइसेस पर एक चम्मच शहद, एक-एक चुटकी केसर व इलाइची पाउडर और थोड़ा सा गुलाब जल डालकर सेवन करें।

8. स्ट्रॉबेरी (Strawberry)

स्ट्रॉबेरी एक लो-कैलोरी खाद्य पदार्थ होती है, जो आपको दिनभर ऊर्जावान महसूस कराने में मदद कर सकती है।

इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C होता है, जो शरीर के ऊतकों को रिपेयर करने में मदद करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और फ्री रेडिकल डैमेज से बचाता है।

साथ ही, स्ट्रॉबेरी आपको मैंगनीज, फाइबर और पानी का हेल्थी डोज भी प्रदान करती हैं।

  • जब भी आपको कमजोरी महसूस हो तो गिलास ताजा स्ट्रॉबेरी के जूस का सेवन करें।
  • आप स्ट्रॉबेरी को सीधे खा भी सकते हैं या फिर अन्य फलों के साथ मिलाकर एक लो-कैलोरी, हाई फाइबर सलाद तैयार कर सकते हैं।

9. अंडा

कमजोरी से लड़ने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक होता है संतुलित आहार का सेवन। अंडा में अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन, आयरन, विटामिन A, फोलिक एसिड, राइबोफ्लेविन (riboflavin) और पैंटोथेनिक एसिड जैसे पोषक पदार्थ पाए जाते हैं।

इसलिए हमेशा फ्रेश और एनर्जी युक्त रहने के लिए रोज एक अंडा का सेवन करें।

आप इसको आमलेट बनाकर, उबालकर, सब्जी बनाकर या सैंडविच बनाकर सेवन कर सकते हैं।

10. कॉफी

कॉफी में मौजूद कैफीन दिमाग को तेज करता है और तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। यदि कॉफी का सेवन नियंत्रित मात्रा में किया जाए तो इसका कोई नुकसान नहीं होता।

कॉफी आपको ऊर्जावान बनाने के साथ-साथ मेटाबोलिज्म रेट को ठीक करती है, सहनशीलता बढ़ाती है, फोकस को सुधारती है और दर्द को कम करती है।

कॉफी का रोज दो कप से ज्यादा सेवन न करें। इससे ज्यादा सेवन करने से आपमें डिप्रेशन और नींद न आने की समस्या हो सकती है।

निष्कर्ष

थकान और कमजोरी से बचने के लिए इन उपचारों को नियमित अपनाएं। यदि इनको अपनाने के बाद भी आपको ज्यादातर समय थकावट महसूस होती है तो अपने डॉक्टर से जाँच करवाएं और उचित इलाज लें।

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