कमर दर्द के 10 घरेलू इलाज – Back Pain Home Remedies in Hindi

कमर दर्द या पीठ दर्द होना, मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्ग लोगों में होने वाली वाली एक आम समस्या है, लेकिन कभी-कभी जवान लोगों में भी यह समस्या हो सकती है।

कमर दर्द के कुछ समस्या लक्षण निम्न हैं – कमर और कूल्हों के आसपास दर्द होना, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में कमी आना, उठने बैठने में तकलीफ होना और नींद न आना

कमर दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे – मांसपेशी का खिंचाव, अनियमित खानपान, शारीरिक काम की कमी, गठिया रोग, अत्यधिक शारीरिक काम, गलत तरीके से बैठने की आदत और गर्भावस्था

कमर दर्द के कारण रोजाना के कामकाज करने में भी मुश्किल होने लगती है। लेकिन कुछ प्राकृतिक उपचारों को अपनाकर इस दर्द में राहत पाई जा सकती है। यहाँ पर 10 सबसे कारगर घरेलू उपचार जा रहे हैं –

1. अदरक

अदरक को कमर दर्द में काफी फायदेमंद औषधि माना जाता है। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी कंपाउंड्स होते हैं जो दर्द में राहत प्रदान करते हैं।

  • अदरक का पेस्ट बनाकर दर्द वाली जगह पर लगायें और ऊपर से नीलगिरी का तेल लगा लें।
  • ताजा अदरक के 4-5 स्लाइस काट लें और डेढ़ कप पानी में डाल दें। अब इस पानी को 10 से 15 के लिए हलकी आंच में उबालें। अब इसे छानकर कुछ देर के लिए ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर पी लें। इस अदरक की चाय को रोजाना तीन बार सेवन करें।
  • आप आधा चम्मच काली मिर्च, डेढ़ चम्मच लौंग का पाउडर और एक चम्मच अदरक का पाउडर मिलाकर हर्बल टी भी तैयार कर सकते हैं।

2. तुलसी की पत्तियां

तुलसी की पत्तियों के सेवन से भी कमर दर्द में राहत मिलती है।

  • एक कप पानी में 8-10 तुलसी की पत्तियां डालकर उबालें। इसे तबतक उबालें जबतक कि यह उबलकर आधा न हो जाये।
  • अब इसे ठंडा होने दें और फिर ऊपर से एक चुटकी नमक डाल दें।
  • हल्का दर्द होने पर इसे रोज एक बार सेवन करें और यदि दर्द काफी गंभीर हो तो इसे दिन में दो बार सेवन करें।

3. खसखस के बीज

खसखस के बीज, कमर के इलाज में रामवाण औषधि की तरह काम करते हैं।

  • एक-एक कप खसखस के बीज और मिश्री को मिलाकर पीस लें।
  • इसे रोज सुबह शाम दो-दो चम्मच मात्रा में एक गिलास दूध के साथ सेवन करें।

4. हर्बल ऑयल

हर्बल ऑयल से कमर की मालिश करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द कम होता है। आप कोई भी हर्बल आयल इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे नीलगिरी का तेल, बादाम का तेल, जैतून का तेल या नारियल का तेल आदि। पहले तेल को थोड़ा गर्म कर लें और फिर धीरे-धीरे दर्द वाली जगह पर मालिश करें।

5. लहसुन

लहसुन भी कमर दर्द के इलाज में फायदेमंद होता है। रोज सुबह खाली पेट लहसुन की तीन-चार कलियों का सेवन करें। आप लहसुन के तेल से मालिश भी कर सकते हैं।

  • लहसुन का तेल बनाने के लिए सबसे पहले नारियल के तेल, सरसों के तेल या तिल के तेल में तीन लहसुन की कलियाँ डालें। अब इसे तब तक उबालें जब तक कि लहसुन की कलियाँ काली न पड़ जाएँ। अब इस तेल को छान लें और ठंडा होने दें। आपका लहसुन का तेल तैयार है।
  • इस तेल से अपनी कमर की मालिश करें। ऐसा रोज नहाने के एक घंटा पहले करें।

6. गेहूं

गेहूं में ऐसे कंपाउंड्स पाए जाते हैं जिनका शरीर पर दर्दनिवारक (एनाल्जेसिक) प्रभाव होता है।

  • रात को एक मुट्ठी गेहूं को पानी में डालकर रख दें।
  • सुबह इस गेहूं को पानी से अलग कर लें और फिर एक गिलास दूध में डालकर गर्म करें।
  • इसे दिन में दो बार सेवन करें।

7. बर्फ

बर्फ का ठंडा स्वाभाव दर्द और सूजन को कम करने में काफी मदद करता है। यह दर्द वाली जगह को थोड़ी देर के लिए सुन्न भी कर देता है जिससे दर्द का अहसास कम हो जाता है।

  • बर्फ को कुचलकर एक कपड़े में बांध लें। अब इसे दर्द वाली जगह पर 10 से 15 मिनट के लिए रख दें।
  • इसे हर दो घंटे में दोहराएँ।

8. सेंधा नमक

सेंधा नमक दर्द को कम करता और इन्फ्लामेशन में राहत प्रदान करता है।

  • सेंधा नमक में पानी डालकर गाड़ा पेस्ट तैयार करें। अब इसे एक कपड़े में डालकर निचोड़ दें जिससे बचा हुआ पानी भी बाहर निकल जाये। अब इस पेस्ट को अपनी कमर में लगा लें।
  • या फिर, बाथ टब के पानी में दो कप सेंधा नमक डालें। अब इस पानी में डेढ़-दो घंटे के लिए बैठें।

9. कैमोमाइल टी

एक कप हॉट कैमोमाइल मांशपेशियों की ऐंठन को ठीक करने के लिए काफी होती है।

  • एक चम्मच कैमोमाइल को एक कप पानी में 10 मिनट के लिए उबालें। अब इसे छानकर पी लें।
  • रोज इस चाय को दो बार सेवन करें।

10. दूध

दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाये रखने में मदद करता है। शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण भी कमर दर्द की समस्या होती है।

  • दूध का नियमित रूप से सेवन करें। प्राकृतिक मिठास लाने के लिए आप इसमें शहद भी डाल सकते हैं।

ऊपर दिए गए घरेलू उपचारों के जरिये सामान्य कमर दर्द में राहत मिलती है। यदि इनसे फायदा न मिले तो डॉक्टर से जाँच कराएँ।

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