जल्दी प्रेग्नेंट होने के 10 घरेलू नुस्खे

किसी भी औरत के लिए प्रेग्नेंट होना सबसे अधिक खुशी और आत्मसंतुष्टि प्रदान करने वाला अनुभव होता है। यदि आपने अपने पति के साथ सलाह-मशविरा करके गर्भधारण करने का फैसला कर लिया है, तो आप इसे जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी करना चाहेंगी।

कुछ महिलाओं के लिए प्रेग्नेंट होना काफी आसान होता है, वहीँ कुछ के लिए इसमें काफी समय लग सकता है। यदि औसत देखा जाए तो एक महिला अपने बच्चा पैदा करने के निर्णय के 6 महीने के अंदर-अंदर गर्भधारण कर लेती है।

जब आप इस दुनिया में एक नया बेबी लाने का निर्णय ले लेती हैं, तो सबसे पहले आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए। प्रेग्नेंट होने की कोशिश के दौरान कई ऐसी चीजे होती हैं जो ध्यान में रखनी पड़ती हैं।

किसी भी महिला के प्रेग्नेंट होने की सम्भावना निम्न बातों पर निर्भर करती है – आपका ovulation, आपके पति के स्पर्म की क्वालिटी, आपका खानपान और जीवनशैली। यह सभी बातें आपकी फर्टिलिटी के लिए काफी महत्वपूर्ण होती हैं और गर्भपात की सम्भावना को कम करती हैं।

यदि आपको प्रेग्नेंट होने में मुश्किल हो रही है, तो यहाँ पर दिए जा रहे कुछ जीवनशैली में बदलाव और फायदेमंद घरेलू नुस्खे, आपकी बच्चा धारण करने की सम्भावना को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं और गर्भपात को रोक सकते हैं।

1. अनार

अनार गर्भाशय में रक्त के संचार को बढ़ाता है और उसकी लाइनिंग को मोटा करता है, जिससे महिलाओं की फर्टिलिटी बढ़ती है।

यह भ्रूण के स्वस्थ विकास में भी काफी मदद करता है।

इसके अलावा, यह पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में भी मदद करता है।

  • अनार के बीजों को पीसकर बारीक पाउडर बना लें और सेंक लें। अब इसे एयरटाइट जार में पैक करके रख दें। रोज दिन में दो बार आधा चम्मच पाउडर को एक गिलास गर्म दूध में मिलाकर सेवन करें। कुछ ही हफ़्तों में आपकी फर्टिलिटी बढ़ने लगेगी।
  • आप रोज एक गिलास अनार के जूस का सेवन भी कर सकती हैं।

2. जैतून का तेल

इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान अपने प्रेग्नेंट होने की सम्भावना को बढ़ाने के लिए जैतून का तेल काफी अच्छा नुस्खा होता है। इसमें मौजूद मोनोसैचुरेटेड फैट्स का, प्रजनन स्वास्थ्य से काफी गहरा सम्बन्ध होता है।

2010 में ESHRE (यूरोपियन सोसाइटी ऑफ ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रायोलॉजि) की साल की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने पाया कि मोनो-सैचुरेटेड फैट्स (जो कि जैतून के तेल में पाए जाते हैं), विट्रो फर्टिलाइजेशन में एक अहम भूमिका अदा करता है। जब लेबोरेटरी में महिला के एग को पुरुषों के स्पर्म के साथ फर्टिलाइज किया जाता है तो इस प्रक्रिया को विट्रो फर्टिलाइजेशन कहते हैं।

  • अपनी फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए रोज 2 से 3 चम्मच एक्स्ट्रा-वर्जिन जैतून के तेल का सेवन करें।
  • आप अपने खाने में भी जैतून के तेल का इस्तेमाल कर सकती हैं और सलाद आदि में डाल सकती हैं।

3. माका रूट

माका रूट, हॉर्मोन्स को संतुलित करने वाली औषधि होती है, जिसमें फर्टिलिटी और बच्चा पैदा करने की क्षमता बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं। यह महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन्स को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे उनकी फर्टिलिटी बढ़ती है।

साथ ही, इसमें अत्यधिक मात्रा में आयरन पदार्थ पाया जाता है, जो गर्भधारण से पहले महिलाओं के लिए जरूरी होता है। माका रुट पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता बढ़ाने में भी मदद करता है।

  • रोज एक कप पानी में आधा चम्मच माका रूट के पाउडर को घोलकर सेवन करें।
  • आप डॉक्टर से सलाह लेकर इस औषधि के सप्लीमेंट्स भी ले सकती हैं।

नोट: गर्भावस्था के दौरान इस औषधि का सेवन न करें।

4. खजूर

आयुर्वेद के अनुसार खजूर प्रेगनेंसी की सम्भावना को बढ़ाने में मदद करता है।

इसमें विटामिन्स और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो फर्टिलिटी के लिए आवश्यक हैं।

  • 10 से 12 खजूर लें और बीजों को अलग कर दें।
  • अब इसमें 3 चम्मच कटा हरा धनिया मिलाएं और पीसकर पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट को एक कप दूध में डालकर उबाल लें, और फिर सेवन कर लें।
  • अपने पीरियड शुरू होने के पहले दिन से अगले 7 दिन तक, इस दूध का सेवन रोज करें।

आप खजूर को अपने नाश्ते में भी ले सकती हैं।

5. सेब का सिरका

कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ बांझपन को ठीक करने के लिए सेब के सिरका का सेवन करने की सलाह देते हैं। यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और हॉर्मोन्स को संतुलित करता है।

हालाँकि, यह एसिडिक नेचर का होता है, लेकिन शरीर पर इसके क्षारीय प्रभाव होते हैं। यह लार और योनि, दोनों में alkaline pH  बनाये रखने में मदद करता है जिससे गर्भधारण को बढ़ावा मिलता है।

इसके अलावा, यह कैंडीडा (Candida) नामक बांझपन का कारण बनने वाली बीमारी के इलाज में भी मदद करता है।

  • रोज दिन में दो बार, एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका और थोड़ा सा शहद मिलाकर सेवन करें।
  • या फिर, रोज सोने से पहले, अपने नहाने के पानी या बाथटब में एक कप सेब का सिरका मिलाएं और अपने पूरे शरीर को 20 से 30 मिनट के लिए इसमें डुबोकर रखें।

6. तनाव पर कंट्रोल रखें

यदि किसी कारण वस आप अत्यधिक तनाव में रहती हैं तो इसका सीधा असर आपकी फर्टिलिटी पर पड़ता है।

तनाव लेने से alpha-amylase नामक एंजाइम का स्तर बढ़ जाता है जो महिलाओं को प्रेग्नेंट होने से रोकता है। यह एंजाइम ओवुलेशन (ovulation) की प्रक्रिया में विलम्ब डालता है और आपके प्रजनन चक्र को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

आप कुछ रिलैक्सेशन तकनीकें जैसे एक्यूपंक्चर, मेडिटेशन, मसाज थेरेपी, सेल्फ हेल्प बुक्स पढ़कर या सॉफ्ट म्यूजिक सुनकर तनाव को कम कर सकती हैं।

7. विटामिन डी

विटामिन डी की कमी होने से आपमें बाँझपन और गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए यदि आप गर्भधारण करने के का प्लान बना रही हैं तो उससे पहले अपने विटामिन डी के स्तर की जाँच करवाएं।

2010 में अमेरिका की एक नुट्रिशन जर्नल में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार विटामिन डी, प्रेग्नेंट होने के लिए और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

साथ ही, 2011 में हुए एक शोध में यह पाया गया कि विटामिन डी की कमी का सीधा सम्बन्ध महिलाओं में PCOS (polycystic ovary syndrome) से होता है। PCOS महिलाओं में ovulation की प्रक्रिया को अनियमित कर देता है।

  • चूँकि धूप शरीर में विटामिन डी के उत्पादन को बढ़ाती है। इसलिए रोज सुबह की धूप में 10 मिनट के लिए बैठें।
  • विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे सैल्मन फिश, मक्खन, अंडे की जर्दी, कुछ मशरूम (जो अल्ट्रावायलेट लाइट में पैदा होती हैं) आदि का सेवन करें।
  • डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन डी के सप्लीमेंट्स लें।

8. विटामिन बी9 या फोलिक एसिड

प्रेग्नेंट होने की कोशिश करने वाली महिलाओं के लिए फोलिक एसिड एक महत्वपूर्ण विटामिन होता है। यह कोशिका विभाजन (cell division) में मदद करता है और ovulation को बढ़ावा देता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स प्रेगनेंसी के पहले और बाद में विटामिन बी9 को लेने की सलाह देते हैं।

  • प्रेग्नेंट होने के एक महीने पहले से और प्रेगनेंसी धारण करने के तीन महीने बाद से, 30 दिनों के लिए रोज फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स (आमतौर पर 400 mcg) लें। आपके लिए इसके सही डोज जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
  • आप फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे गहरे हरे रंग की सब्जियां, ब्रोकली, एवोकाडो, किशमिश, सेम और मसूर की दाल का भी सेवन कर सकती हैं।

9. चेस्टबेरी (Chasteberry)

चेस्टबेरी दक्षिणी यूरोप और पश्चिमी एशिया में पाई जाने वाली एक औषधि होती है। इसे vitex भी कहा जाता है।

यह महिलाओं के शरीर में ovulation और हॉर्मोन असंतुलन को सुधारने में काफी फायदेमंद होती है।

साथ ही, यह PCOS से लड़ने में भी मदद करती है, जो महिलाओं में बाँझपन का सबसे बड़ा कारण होता है।

चेस्टबेरी बाजार में सूखी, कैप्सूल या अर्क के रूप में आसानी से उपलब्ध होती है। इसके उचित डोज और उपयुक्तता की जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

10. कंडाली (Stinging Nettle)

कंडाली हिमालय के आसपास पाई जाने वाली एक औषधि होती है। इसको ज्यादातर चाय बनाकर सेवन किया जाता है।

कई वैद्य प्रेगनेंसी का प्लान बनाने वाली महिलाओं को कंडाली का सेवन करने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह एक शक्तिशाली गर्भाशय टॉनिक की तरह काम करती है।

इस औषधि में भरपूर मात्रा में मिनरल्स पाए जाते हैं जो आपके शरीर के लिए जरूरी होते हैं।

साथ ही, यह तनाव को कम करने में भी मदद करती है, जिसके फलस्वरूप आपके प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • एक कप पानी में डेढ़ चम्मच सूखी कंडाली का पाउडर डालकर उबालें। 5 मिनट उबालने के बाद इसे छान लें और थोड़ा सा शहद मिलाकर चाय की तरह सेवन करें। रोज इस हर्बल टी को दो से तीन कप सेवन करें।
  • डॉक्टर से सलाह लेकर आप कंडाली के सप्लीमेंट्स भी ले सकती हैं।

नोट: प्रेगनेंसी के दौरान कंडाली का सेवन न करें।

अतिरिक्त टिप्स

  • अपने वजन को एवरेज बनाये रखने की कोशिश करें। क्योंकि अधिक या कम वजन होने से आपको प्रेग्नेंट होने में समस्याएं आ सकती हैं।
  • नियमित व्यायाम जैसे टहलना, जॉगिंग, तैराकी आदि आपको फिट रहने में मदद करेंगे।
  • अत्यधिक तीव्र या ताकत वाले कामों से बचें, क्योंकि यह आपके ovulation को रोक सकते हैं और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन के उत्पादन को कम कर सकते हैं।
  • अल्कोहल और कैफीन का सेवन करने से बचें।
  • यदि आप धूम्रपान करती हैं तो तुरंत इसे छोड़ दें, क्योंकि इसके कारण बच्चे के स्वास्थ्य पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है।
  • अपने ovulation टाइम को जानने के लिए और उसके अनुसार प्रेगनेंसी का प्लान बनाने के लिए नियमित अपने BBT (basal body temperature) की जाँच करती रहें।
  • प्रेगनेंसी की संभावना को बढ़ाने के लिए आप एक्यूपंक्चर (acupuncture) का सहारा भी ले सकती हैं।
  • सेक्स के दौरान बाहरी लुब्रीकेंट्स का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि यह भी प्रेगनेंसी की संभावना को कम करते हैं।
  • ताजा फलों और सब्जियों का खूब सेवन करें। साथ ही आयरन, कैल्शियम, बी विटामिन्स, सेलेनियम और फोलेट युक्त पदार्थों का भी खूब सेवन करें। यह सभी आपके प्रजनन स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं।
  • विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए खूब पानी का सेवन करें।
  • पर्याप्त नींद लें
  • डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी सप्लीमेंट या मेडिसिन का सेवन न करें।
  • यदि आपको डायबिटीज है, तो अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें।

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