गले में खराश ठीक करने के 10 घरेलू उपचार – Sore Throat Home Remedies in Hindi

गले की खराश तब होती है जब pharynx में इन्फ्लामेशन हो जाता है। pharynx मुंह और पेट को जोड़ने वाली नाली को कहते हैं।

गले में खराश होने के सबसे मुख्य कारण हैं वायरल, बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन; irritants जैसे pollution, धूम्रपान, acid reflux (पेट में एसिड का असंतुलन), अत्यधिक बोलना या चिल्लाना या एलर्जिक रिएक्शन होनासिर दर्द, पेट दर्द, जुकाम या ग्रंथियों में सूजन के कारण भी गले में खराश हो सकती है।

गले में खराश होना काफी आम समस्या है। यह काफी दर्दनाक भी हो सकती है। कुछ आसान घरेलू उपचारों को अपनाकर आसानी से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। यहां पर गले की खराश को दूर करने के 10 सबसे कारगर घरेलू उपचार दिए जा रहे हैं –

1. नींबू (Lemon)

ताजा नींबू के इस्तेमाल से गले में खराश को आसानी से ठीक किया जा सकता है, क्यूंकि यह बलगम (म्यूकस) को बाहर निकालने में काफी मदद करता है।

  • एक कप गर्म पानी में आधा नींबू और एक चम्मच शहद मिलाकर धीरे-धीरे सेवन करें।
  • या फिर, नींबू पानी को मुंह में डालकर कुल्ला या गरारे करें।
  • या फिर, आधे कटे नींबू में नमक और काली मिर्च छिड़ककर चूसें।

2. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

सेब के सिरका में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं, इसलिए यह गले की खराश के इलाज में काफी फायदेमंद है।

  • एक कप गर्म पानी में दो चम्मच सेब का सिरका और एक-एक चम्मच नीबू का रस और शहद मिलाकर धीरे-धीरे सेवन करें। इसका सेवन दिन में दो या तीन बार करें। जल्द ही आपको दर्द और इन्फ्लामेशन से राहत मिलेगी।
  • या फिर, सेब के सिरका को पानी में मिलाकर कुल्ला या गरारे करें।

3. दालचीनी (Cinnamon)

सर्दी-जुकाम के कारण होने वाली गले की खराश के इलाज में दालचीनी फायदेमंद होती है।

  • एक गिलास गर्म पानी में एक-एक चम्मच दालचीनी और काली मिर्च पाउडर मिलाएं। आप इसमें स्वादानुसार इलायची भी मिला सकते हैं। दिन में दो या तीन बार इस पानी से कुल्ला या गरारे करें।
  • या फिर, एक चम्मच शुद्ध शहद में कुछ बूंदें दालचीनी के तेल की डालकर सेवन करें। इसका सेवन दिन में दो बार करें। ऐसा करने से गले की खराश के कारण होने वाला दर्द और इन्फ्लामेशन कम होता है।

4. नमक का पानी (Salt Water)

नमक मिले पानी से कुल्ला या गरारे करना, गले की खराश के इलाज के सबसे कारगर तरीकों में से एक है। नमक का पानी एक एंटीसेप्टिक (रोगाणुरोधक) की तरह काम करता है और गले की म्यूकस मेम्ब्रेन से अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे बलगम कम होता है और गले की खराश में तुरंत राहत मिलती है।

  • एक गिलास गर्म पानी में डेढ़ चम्मच नमक मिलाएं। यदि आपको नमक का स्वाद पसंद नहीं है तो इसमें थोड़ा सा शहद और मिला दें।
  • अब इस पानी को मुंह में डालकर कुल्ला या गरारे करें। ध्यान रखें, इस पानी को निगले नहीं।
  • अच्छे रिजल्ट पाने के लिए इस उपचार को दिन में चार बार करें।

5. लहसुन (Garlic)

लहसुन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक और कई अन्य मेडिसिनल प्रॉपर्टीज होती हैं जो इसे गले की खराश को रोकने में काफी कारगर औषधि बनाती हैं।

  • रोज एक कच्ची लहसुन की कली का सेवन करें। लहसुन शरीर में allicin नामक केमिकल के स्त्राव को बढ़ाता है जो गले में खराश पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है।
  • या फिर, आप लहसुन के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। रोज एक चौथाई कप पानी में कुछ बूंदें लहसुन के तेल की डालकर कुल्ला या गरारे करें।
  • साथ ही, लहसुन को नियमित रूप से कच्चा या पकाकर सेवन करते रहें। यदि आपको लहसुन का स्वाद पसंद नहीं है तो आप इसकी पिल्स (गोलियां) भी ले सकते हैं।

6. शहद (Honey)

शहद में भी एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो इन्फेक्शन से लड़ती हैं और हीलिंग प्रोसेस को बढ़ा देती हैं। साथ ही, यह hypertonic osmotic की तरह काम करता है, मतलब यह सूजे हुए ऊतकों से अतिरिक्त पानी बाहर निकलता है जिससे सूजन कम होती है।

  • एक कप गर्म पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो-तीन बार सेवन करें। आप शहद की चाय बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।
  • रोज सोने से पहले एक चम्मच शहद का सेवन करें। इससे दर्द में आराम मिलेगा और अच्छी नींद आयेगी

7. हल्दी (Turmeric)

हल्दी भी गले की खराश के इलाज में काफी कारगर होती है क्यूंकि इसमें शक्तिशाली एंटीसेप्टिक और एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं।

  • एक गिलास गर्म पानी में एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाएं। इस हल्दी के पानी को रोज सुबह खाली पेट धीरे-धीरे सेवन करें। इस उपचार को लगातार तीन-चार दिनों के लिए रोज करें।
  • या फिर, रोज रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक-एक चम्मच हल्दी और काली मिर्च पाउडर मिलाकर सेवन करें।

8. मेंथी (Fenugreek)

मेंथी में बलगम को घोलने वाली (mucus-dissolving) प्रॉपर्टीज होती हैं जो गले की खराश के दर्द और इन्फ्लामेशन में तुरंत राहत प्रदान करती हैं।

  • 6 कप पानी में तीन चम्मच मेंथी के बीज डाल दें।
  • अब इसे आधे घंटे के लिए उबालें। उबलने के बाद इसे ठंडा होने दें और फिर छान लें।
  • रोज दिन में तीन-चार बार इस पानी से कुल्ला या गरारे करें।

9. मार्शमैलो रूट (Marshmallow Root)

मार्शमैलो रूट में mucilage नामक पदार्थ पाया जाता है जो गले में से कफ को बाहर निकालकर खराश में राहत देता है। यदि सर्दी, खांसी और गले की खराश एक साथ हो मार्शमैलो रूट की चाय को काफी लाभकारी माना जाता है।

नोट – गर्भवती महिलायें और मधुमेह के मरीज मार्शमैलो रूट का सेवन न करें।

  • एक कप पानी में दो चम्मच मार्शमैलो रूट के पाउडर को डालकर उबालें।
  • आधे घंटे तक उबालने के बाद इसे छान लें।
  • फिर शहद मिलाकर सेवन करें।
  • इस चाय को रोज एक कप सेवन करें।

10. स्लिपरी एल्म (Slippery Elm)

स्लिपरी एल्म नार्थ अमेरिका में पाया जाना वाला एक पौधा होता है। बाजार में इसकी पत्तियों से बना जेल या इसके कैप्सूल आसानी से उपलब्ध होते है। स्लिपरी एल्म में mucilage पदार्थ पाया जाता है, जो गले में इन्फेक्शन और जलन को खत्म करके खराश में आराम देता है।

  • दो कप पानी में एक चम्मच स्लिपरी एल्म के जेल को डालकर उबालें।
  • कुछ मिनट के लिए इसे ठंडा होने दें और फिर छान लें।
  • अब इसे हल्की गर्म अवस्था में ही चाय की तरह सेवन करें।

किसी भी प्रकार की श्वसन समस्या में स्लिपरी एल्म काफी फायदेमंद होती है। यदि यह आपके आसपास उपलब्ध नहीं है तो आप मेडिकल स्टोर से इसके कैप्सूल भी ले सकते हैं।

जब भी आपको गले में खराश की समस्या आये तो इन उपचारों को जरूर अपनाएं। लेकिन यदि आपके गले में खराश चार-पांच दिन से ज्यादा समय तक रहे तो अपने डॉक्टर से जांच करायें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.