इलाइची के 10 फायदे – Cardamom Benefits in Hindi

इलाइची इसके स्वाद और सुगंध के कारण भारत के खानपान में खूब इस्तेमाल होती है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं जिनको आप शायद ही जानते हों और जिन्हें जानकर आपको हैरानी होगी। इलाइची पोटैशियम, कैल्शियम, सल्फर, लोह, मैंगनीज और मैग्नीशियम का काफी अच्छा स्त्रोत होती है। इसके साथ ही इसमें कई महत्वपूर्ण विटामिन जैसे राइबोफ्लेविन (riboflavin), नियासिन (niacin) और विटामिन सी पाए जाते हैं।

यदि इलाइची के औषधीय गुणों को देखा जाये तो इसमें रोगाणुरोधक (antiseptic), एंटीऑक्सीडेंट, आक्षेपनाशक (antispasmodic), वातानुलोभक (carminative), पचानेवाले (digestive), मूत्रवर्धक (diuretic), उत्तेजक (stimulant), भूख बढ़ाने वाले (stomachic) और टॉनिक गुण पाए जाते हैं।

चूँकि इलाइची में कई रोगनाशक, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली और स्वास्थ्यवर्धक क्षमताएं होती हैं इसलिए यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में काफी फायदेमंद साबित होती है।

इलाइची के 10 सबसे कारगर स्वास्थ्य लाभ नीचे दिए जा रहे हैं –

1. पाचन को सुधारती है (Improves Digestion)

इलाइची में वातानुलोभक गुण (carminative properties) होते हैं जो पाचन की प्रक्रिया को ठीक करने में मदद करते हैं। यह अनियमित पाचन के कारण पैदा हुई पेट फूलने की समस्या (flatulence) को कम करती है और पेट दर्द और पेट में ऐंठन को ठीक करती है। इसके साथ-साथ यह पेट में पित्तरस (bile) के प्रभाह को बढ़ाती है जो वसा (fats) और अन्य पोषक तत्वों के पाचन में मदद करता है।

इलाइची के यह सब गुण इसे पाचन की कई समस्यायों जैसे कब्ज, एसिडिटी, बदहजमी (indigestion), पेचिश (dysentery) और पेट के संक्रमण में काफी कारगर औषधि बनाते हैं।

पाचन सम्बन्धी कोई भी समस्या होने पर इलाइची चबाकर खाएं या इसे अपने खाने में डालें। इलाइची की चाय भी पेट को शांत रखने में काफी फायदेमंद होती है।

2. मुंह की बदबू दूर करे

इलाइची में एंटीबैक्टीरियल गुण होने के कारण यह मुंह में बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करती है, साथ ही इसमें मौजूद सुहानी महक मुंह को सुगन्धित करती है। इलाइची के बीजों से निकलने वाले तेल में ऐसे पदार्थ होते हैं जो मुंह के इन्फेक्शन को खत्म करते हैं।

रोज खाना खाने के बाद या जब भी आपको मुंह फ्रेश करना तब एक इलाइची को चबाकर खाएं। आप इलाइची की चाय का भी सेवन कर सकते हैं या फिर गर्म पानी में इलाइची के पाउडर को घोलकर कुल्ला भी कर सकते हैं।

3. भूख को बढ़ाती है

इलाइची एक कारगर पाचन टॉनिक होती है जो बदहजमी, पेट फूलने की समस्या और एसिडिटी को खत्म करके भूख को बढ़ाती है। इसके साथ ही यह पाचक रसों के स्राव को भी बढ़ाती जो पाचन तंत्र को ठीक करके भूख बढाने में मदद करते हैं।

यदि आपको भूख कम लगती है तो रोजाना सुबह शाम इलाइची का सेवन करें।

4. शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण इलाइची शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में भी काफी मदद करती है। यह मैंगनीज का अच्छा स्त्रोत होती है शरीर से फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करता है। शरीर से विषाक्त पदार्थ निकलने के बाद उसकी ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता और मेटाबोलिज्म बेहतर होते हैं।

अपने शरीर को स्वस्थ और विषाक्त पदार्थों से मुक्त रखने के लिए रोज एक चाय में इलाइची डालकर सेवन करें।

5. गुर्दों को स्वस्थ रखती है

इलाइची मूत्र त्याग (urination) को बढ़ाती है और किडनी में कैल्शियम और यूरिया जमने से रोकती है। इसलिए इसे किडनी को स्वस्थ रखने के लिए काफी कारगर औषधि माना जाता है।

इलाइची के नियमित इस्तेमाल से किडनी, मूत्राशय और पेशाब सम्बन्धी कई समस्यायों जैसे पथरी, नेफ्रैटिस, पेशाब में जलन और बार-बार पेशाब लगने की समस्या को ठीक किया जा सकता है। यह अक्सर मूत्र मार्ग के संक्रमण को ठीक करने में भी इस्तेमाल की जाती है।

अपनी किडनी को स्वस्थ रखने के लिए इलाइची का नियमित सेवन करते रहें।

6. हार्ट रेट को रेगुलेट करती है

इलाइची में पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होते है जो ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी हैं। पोटैशियम हमारे खून, कोशिकायों और अन्य शरीर के द्रवों में पाया जाने वाला मुख्य पदार्थ है।

हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को नियमित रखने के लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम की आवश्यकता होती है जो उसे इलाइची के जरिये मिल सकता है। इलाइची प्लेटलेट के एकत्रीकरण और सूजन को रोककर शरीर के अन्दर खून के थक्के बनने से रोकती है हार्ट अटैक से बचाती है।

रोज दो कप इलाइची की चाय का सेवन करें और स्वस्थ रहें।

7. एनीमिया से लड़ती है

इलाइची में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो एनीमिया के दौरान हुई विटामिन्स की कमी को दूर करते हैं। इसमें कॉपर, आयरन, मैंगनीज और आवश्यक विटामिन्स जैसे राइबोफ्लेविन, विटामिन सी और नियासिन भी पाए जाते हैं जो एनीमिया के लक्षणों जैसे थकान और कमजोरी को कम करते हैं। यह सभी पोषक तत्व रेड ब्लड सेल्स (RBC) के उत्पादन को बढ़ाते हैं और सेलुलर मेटाबोलिज्म को ठीक करते हैं।
जिन लोगों को खून की कमी (एनीमिया) की समस्या है उन्हें रोज रात को एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी और एक चुटकी इलाइची के पाउडर को डालकर रोज सेवन करना चाहिए।

8. अस्थमा की समस्या को कम करता है

अस्थमा के मरीज इलाइची के सेवन से कई लक्षणों जैसे खाँसी, घरघराहट, साँसों की कमी और सीने में जकड़न से निजात पा सकते हैं।

इलाइची फेफड़ों में खून के प्रभाह को बढ़ाती है, इन्फ्लामेसन से लड़ती है और श्लेष्मा झिल्ली (mucus membrane) को ठीक करती है जिसके फलस्वरूप साँस लेना आसान हो जाता है। इलायची में मौजूद गर्म प्रकृति के कारण कफ को कम करने में मदद करती है और छाती में रक्त संचय होने से रोकती है।

इलाइची का नियमित रूप से थोड़ा-थोड़ा सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। जिन लोगों को अस्थमा या कफ की खाँसी की समस्या है वो रोज अपने भोजन या चाय में थोड़ा सा इलाइची का पाउडर डालकर सेवन करें।

9. कैंसर से लड़ती है

इलाइची में IC3 और DIM नामक जाने माने कैंसर फाइटर पाए जाते हैं। यह ब्रैस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर को बढ़ावा देने वाले होर्मोन्स की ग्रोथ को रोकते हैं। इलाइची के नियमित सेवन से इन कैंसर के होने की सम्भावना को कम किया जा सकता है।

साथ ही कुछ शोधों से यह भी पता चला है कि इलाइची में मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पेट के कैंसर को भी रोकते हैं।

कैंसर से लड़ने के लिए रोज आधा चम्मच इलाइची के पाउडर का सेवन करें।

10. यौन रोगों को ठीक करती है

इलाइची एक शक्तिशाली टॉनिक और उत्तेजक औषधि है जो शरीर को विभिन्न यौन रोगों जैसे नपुंसकता, शीघ्रपतन और इनफर्टिलिटी से लड़ने के लिए तैयार करती है।

यौन रोगों से छुटकारा पाने के लिए रोज दो या तीन कप इलाइची की चाय का सेवन करें।

2 Responses

  1. Mujassim कहते हैं:

    मेरे फेफड़ों में मवाद बनता है, इसको रोकने के लिए दिसे दवा का नाम बताएं या नासूर भी हो सकता है दोनों का इलाज बताएं.

  2. कृष्णा कुमार बांगड़ा कहते हैं:

    बहुत अच्छा है.

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