दिमाग तेज करने वाले 10 फूड्स

अपने दिमाग को तेज करने के लिए आपने अक्सर मेडिटेशन, गहरी साँस लेना (deep breathing), खुश रहना आदि कई तरीकों के बारे में सुना होगा।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके दिमाग की क्षमता को निर्धारित करने में आपका आहार भी एक महत्पूर्ण भूमिका निभाता है? आप क्या खाते हैं इसका सीधा असर आपके दिमाग के कामकाज पर पड़ता है।

आपकी रसोई में मौजूद कई खाद्य पदार्थ आपकी याददाश्त बढ़ाने और दिमाग को तेज करने में मदद कर सकते हैं।

यहाँ पर दिमाग तेज करने वाले 10 सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थों के बारे में दिया जा रहा है –

1. हल्दी

अपने भोजन में हल्दी को शामिल करने से, आपके दिमाग की क्षमता को बढ़ाने में काफी मदद मिलती है।

हल्दी में curcumin नामक केमिकल कंपाउंड होता है जिसकी एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज दिमाग में plaque को कम करती हैं। दिमाग में plaque जमना ही अल्जाइमर रोग होने के सबसे मुख्य कारणों में से एक होता है।

साथ ही, curcumin याददाश्त को भी ठीक करता है और इसके दिमाग पर डिप्रेशन को कम करने वाले प्रभाव होते हैं।

इसके अलावा, हाल ही में भारत में हुए एक शोध में यह पता चला है कि यह सक्रिय घटक, अत्यधिक शराब के सेवन से होने वाले ब्रेन डैमेज से बचाता है।

2. अजवायन के फूल

अजवाइन के फूल दिमाग के स्वास्थ्य को ठीक रखने में मददगार होते हैं।

शोधों से पता चला है कि इस हर्ब में मौजूद तेल दिमाग में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं, खासतौर से docosahexaenoic acid (DHA) को।

ओमेगा-3 फैटी एसिड्स दिमाग के लिए फायदेमंद होती हैं क्योंकि यह उम्र बढ़ने के साथ-साथ होने वाली सोचने की शक्ति में कमी और dementia (पागलपन) से बचाती हैं। यह सीखने की शक्ति और याददाश्त को ठीक रखने में भी मदद करती हैं।

साथ ही, DHA ब्रेन सेल्स के उचित कामकाज और विकास को ठीक रखता है।

अजवाइन के फूलों में फ्लेवोनोइड्स (flavonoids) भी होते हैं जो दिमाग की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाते हैं।

3. अजवाइन की पत्तियां

अजवाइन की पत्तियों में अत्यधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो फ्री रेडिकल्स को ख़त्म करने में काफी प्रभवशाली होते हैं।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ़ नुट्रिशन में प्रकाशित हुए एक शोध के अनुसार अजवाइन की पत्तियां मानसिक स्वास्थ्य और मूड को ठीक करने में काफी मददगार होती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार अजवाइन की पत्तियों में पाए जाने वाले कंपाउंड्स, हमारे मूड, तनाव, सोचने की शक्ति, नींद और भूख को नियंत्रित करने वाले मोनोमाइन न्यूरोट्रांसमीटर्स को क्षय होने से रोकते हैं। इसलिए इनका नियमित सेवन करने से तनाव कम होता है और सोचने और सीखने की शक्ति बढ़ती है।

इसलिए अपने भोजन में अजवाइन की पत्तियों और फूलों को शामिल करें और इसके आयल से शरीर की मालिश करें।

4. रोजमैरी

रोजमैरी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो दिमाग को डैमेज करने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ती हैं।

इसमें कारनोसिक एसिड नामक फाइटोकेमिकल होता है, जो दिमाग को स्ट्रोक और भूलने की बीमारी से बचाये रखने में मदद करता है।

यह नर्व की ग्रोथ को भी उत्तेजित करता है, जिससे नर्व सेल डैमेज की जल्दी आपूर्ति करने में मदद मिलती है। साथ ही, यह ब्रेन में रक्त संचार को बढ़ाकर उसके कामकाज को ठीक करने में मदद करता है।

5. सेज (Sage)

दिमाग के कामकाज और याददाश्त को बेहतर बनाने के लिए सेज काफी फायदेमंद होता है। इसमें भी कारनोसिक एसिड पाई जाती है जो दिमाग में फ्री रेडिकल्स के द्वारा किये जाने वाले डैमेज को रोकती है।

साथ ही, यह glutathione नामक एंटी-एजिंग एंटीऑक्सीडेंट के उत्पादन को बढ़ाता है, जो कई दिमागी बिमारियों, जैसे पागलपन, autism आदि को ठीक करते हैं।

इसके अलावा, सेज में कई ऐसे कंपाउंड्स पाए जाते हैं जो दिमाग में याददाश्त और सीखने की क्षमता को नियंत्रित करने वाले acetylcholine नामक न्यूरोट्रांसमीटर को कम होने से रोकते हैं।

इसलिए यदि आप अपने दिमाग को तेज करना चाहते हैं तो अपने सूप, जूस, सलाद आदि में सेज को मिलाएं या इसकी चाय का सेवन करें।

6. काली मिर्च

काली मिर्च में piperine नामक तीखा पदार्थ पाया जाता है जो दिमाग में बीटा-एंडोर्फिन्स को बढ़ाता है और संज्ञानात्मक क्षमता को बढ़ाता है। बीटा-एंडोर्फिन्स में न्यूरोट्रांसमीटर की तरह गुण होते हैं, जो मूड को ठीक करते हैं और रिलैक्सेशन की भावना को बढ़ाते हैं।

यह एक्टिव कंपाउंड, serotonin को तोड़ने वाले एक एंजाइम को भी रोकता है।

इसलिए मूड से संबंधित समस्याओं में इसको काफी फायदेमंद माना जाता है। साथ ही, शोधकर्ता मानते हैं कि काली मिर्च पार्किंसंस रोग (Parkinson’s disease) की रोकधाम और उपचार में भी मदद करती है, क्योंकि piperine, डोपामाइन के स्तर को कम करने वाले एंजाइम को रोकता है।

7. दालचीनी

जर्नल ऑफ अल्जाइमर डिजीज में पब्लिश हुए एक शोध में यह पाया गया कि दालचीनी में अल्जाइमर डिजीज (भूलने की बीमारी) ठीक करने वाले कंपाउंड्स पाए जाते हैं।

यह कंपाउंड्स (cinnamaldehyde और epicatechin), tau प्रोटीन्स के एकत्रीकरण को रोकते हैं। Tau प्रोटीन्स, microtubules को stabilize करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब यह डिफेक्टिव हो जाते हैं और अपने इस काम को ठीक से नहीं कर पाते हैं, तो पागलपन होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है।

U.S. डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के द्वारा किये गए एक शोध के अनुसार दालचीनी में पाए जाने वाले कंपाउंड्स, ब्रेन सेल्स में सूजन होने से रोकते हैं। यह सूजन अक्सर न्यूरॉन्स में चोट लगने का कारण बनती है।

इतना ही नहीं, दालचीनी शरीर में सोडियम बेंजोएट (sodium benzoate) में बदल जाती है। शिकागो के शोधकर्ताओं के अनुसार सोडियम बेंजोएट के दिमाग के कामकाज पर सकारात्मक प्रभाव होते हैं।

इसलिए दालचीनी का नियमित सेवन करने से आप उम्र बढ़ने के साथ-साथ होने वाली न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से बच सकते हैं। इस अद्भुत मसाले की सिर्फ खुशबू लेने से ही सोचने की शक्ति में वृद्धि होगी।

8. जायफल

जायफल में myristicin नामक कंपाउंड होता है जो दिमाग को तेज करता है और उसके कामकाज को ठीक रखता है।

यह याददाश्त को बढ़ाता है और भूलने की बीमारी को ठीक करता है।

साथ ही, जायफल तनाव और थकान को ठीक करने में भी मदद करता है।

जायफल का तेल भी मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देता है और तनाव को कम करता है।

लेकिन, जायफल का इस्तेमाल संतुलित मात्रा में करना चाहिए (1-2 चुटकी रोज), नहीं तो इसकी वजह से आपको जी मचलना, उल्टी, घबराहट और दृष्टिभ्रम (hallucinations) की समस्या हो सकती है।

9. लौंग का तेल

यह सुगन्धित पदार्थ एक मानसिक उत्तेजक की तरह काम करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करती हैं।

साथ ही, इसमें फिनोल कंपाउंड्स पाए जाते हैं जो विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और सेल्स के स्वास्थ्य को ठीक रखते हैं।

अपने दिमाग को उत्तेजित करने के लिए और अपने ध्यान और ऊर्जा को बढ़ाने के लिए आप लौंग के तेल को अरोमा थेरेपी की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका तेल अन्य तेलों जैसे पेपरमिंट, रोजमेरी, तुलसी, लैवेंडर और संतरे के तेल में आसानी से घुल जाता है।

ऐसा पाया गया है कि लौंग का तेल, जन्म से सीखने की क्षमता और याददाश्त में कमी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होता है। इसका एक और फायदा यह है कि यह मच्छरों और कीट-पतंगों को आपके आसपास नहीं भटकने देता।

10. तुलसी का तेल

तुलसी को एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है, क्योंकि इसमें कई सारे औषधीय गुण होते हैं।

इसके तेल में कपूर, eugenol, nerol और फ्लैवोनॉइड्स पाए जाते हैं।

पशुओं पर किये गए शोध में यह बात पता चली हैं कि तुलसी में मौजूद methanol, दिमाग में रक्त संचार कम के कारण हुए डैमेज को ठीक करने में मदद करता है।

साथ ही, शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन्स को कम करता है जिससे आपको तनाव से जल्दी छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

अपनी याददाश्त और ध्यान करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए आप तुलसी के तेल की मालिश भी कर सकते हैं।

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