दाद से छुटकारा पाने के 10 घरेलू इलाज – Ringworm Home Remedies in Hindi

दाद या ringworm स्किन में होने वाला एक संक्रामक फंगल इन्फेक्शन होता है। यह स्किन की ऊपरी परत रहने वाली fungi के द्वारा होती है, जो स्किन के keratin protein को खाती है और गर्म और नम वातावरण में फलती फूलती है।

यह स्किन के ऊपर गोलाकार और डार्क बॉर्डर वाला स्ट्रक्चर बना लेती है, इसलिए इसे ringworm कहा जाता है। साथ ही, दाद में रेडनेस, खुजली और सूजन भी होता है। यदि इसका सही समय पर इलाज न किया जाये तो स्किन पर फफोले या छाले भी पड़ सकते हैं।

यहां पर दाद को ठीक करने के 10 सबसे कारगर घरेलू इलाज दिए जा रहे हैं –

1. लहसुन (Garlic)

लहसुन में काफी कारगर एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज होती हैं जो दाद को ठीक करने में मदद करती हैं।

  • दो लहसुन की कलियों को दाद पर रखकर मसलें।
  • ऐसा हर रोज चार-पांच बार करें जब तक कि दाद पूरी तरह से ठीक न हो जाये।

2. नीम

नीम में एंटीसेप्टिक और एंटी-माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज होती हैं, जो दाद, खाज और अन्य स्किन इन्फेक्शन का इलाज करने में मदद करती हैं।

  • रोज दाद वाली जगह पर नीम का तेल लगायें। आप डेढ़ चम्मच नीम के तेल को एक कप एलोवेरा जेल में मिलाकर भी लगा सकते हैं।
  • पिसी हुई नीम की पत्तियों, हल्दी पाउडर और तिल के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर पेस्ट बनायें। अब इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र में लगायें।

3. सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर)

सेब का सिरका किसी भी प्रकार के स्किन इन्फेक्शन को रोकने में मदद करता है क्यूंकि इसमें एंटी-माइक्रोबियल और एस्ट्रिंजेंट प्रॉपर्टीज होती हैं।

  • एक रुई के टुकड़े को सेब के सिरका में भिगोयें और दाद पर लगायें।
  • इस उपचार को रोज दो से तीन बार करें जबतक कि फायदा नजर न आने लगे।

4. आयोडीन

आयोडीन टिंचर में एंटी-फंगल और एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होती हैं जो दाद का इलाज करने में कारगर होती हैं। आप किसी भी ड्रग स्टोर से 2 परसेंट आयोडीन टिंचर खरीद सकते हैं। इसका उपयोग दिन में तीन बार से ज्यादा न करें।

  • पहले दाद वाली जगह को किसी एंटीबैक्टीरियल साबुन से धो लें और फिर टॉवल से साफ कर लें।
  • अब आयोडीन टिंचर से भीगे हुए रुई के टुकड़े को इसपर लगायें।
  • ऐसा दिन में दो-तीन बार करें।

5. टी ट्री आयल

टी ट्री आयल में भी एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक क्वालिटीज होती हैं जो ringworm को ठीक करती हैं।

  • एक रुई के टुकड़े में कुछ बूंदे टी ट्री आयल की डालकर प्रभावित क्षेत्र में लगायें। ऐसा दिन में तीन बार करें।
  • टी ट्री आयल की जगह आप लैवेंडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. विनेगर और नमक

विनेगर और नमक, दोनों ही फंगल इन्फेक्शन से लड़ते हैं। इसलिए दाद को जड़ से खत्म करने के लिए इनको भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • ‘सफेद विनेगर और नमक को मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • अब इसे प्रभावित क्षेत्र में 5 मिनट के लिए लगाये रखें।
  • ऐसा दिन में दो-तीन बार करें जब जक कि इन्फेक्शन पूरी तरह से खत्म न हो जाये।

7. हरा पपीता

हरा पपीता भी दाद को खत्म करता है क्यूंकि इसमें भी एंटीफंगल प्रॉपर्टीज होती हैं।

  • हरे पपीता को स्लाइस में काटकर प्रभित क्षेत्र में रगड़ें। 15 मिनट के लिए इसे लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें। ऐसा दिन में कम से कम दो बार करें।
  • या फिर, ताजा पपीता की पत्तियों और सूखे पपीता के बीजों को पीसकर पेस्ट बनायें और लगायें।

8. हल्दी (Turmeric)

आयुर्वेद के अनुसार हल्दी एंटीसेप्टिक, एंटीबायोटिक और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होती है। साथ ही, यह स्किन को पोषण प्रदान करती है और हीलिंग प्रोसेस को बड़ा देती है।

  • पिसे हुए हल्दी पाउडर में जरुरत अनुसार पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और दाद पर लगायें।
  • साथ ही, डेढ़ कप दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर गर्म करें और सेवन करें।

9. लेमन ग्रास (Lemongrass)

लेमन ग्रास में भी शक्तिशाली एंटीफंगल और एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं जो दाद को जड़ से ठीक करने में मदद करती हैं। यह खुजली में भी राहत प्रदान करता है। यदि इसका सेवन किया जाये तो यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकलता है।

  • रोज दिन में तीन बार लेमन ग्रास टी का सेवन करें। आप इसमें कैमोमाइल टी मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं।
  • आप लेमन ग्रास के टी बैग्स, आयल या पत्तियों के पेस्ट को सीधे दाद पर लगा भी सकते हैं।

10.  मुलैठी (Licorice Root)

मुलेठी में कुछ fungicidal कंपाउंड्स पाए जाते हैं जो फंगल इन्फेक्शन को खत्म करने में मदद करते हैं।

  • एक कप पानी में पांच चम्मच मुलेठी के पाउडर को मिलाकर गर्म करें।
  • अब इसे 20 मिनट के लिए ठंडा होने दें और फिर छान लें।
  • अब रुई को इसमें भिगोकर दाद पर लगायें।
  • ऐसा दिन में तीन बार करें जब तक कि दाद पूरी तरह से ठीक न हो जाये।

ऊपर दिए गए उपचारों में से कुछ उपचार जैसे सेब का सिरका, लहसुन और टी ट्री आयल के इस्तेमाल से शुरुआत में थोड़ी जलन महसूस हो सकती है। साथ ही, जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव है वो ऊपर दिए गए ऑयल्स में कैरिअर आयल जैसे नारियल का तेल, बादाम का तेल आदि मिलाकर इस्तेमाल करें।

चूंकि दाद अत्यधिक संक्रामक रोग होता है जो काफी तेजी से फैलता है, इसलिए इसे फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठायें। इसे फैलनेसे रोकने के लिए आप इसमें कपड़ा या रुमाल बांधे रख सकते हैं।

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