कैंसर के लक्षण और बचने के 7 उपाय – Cancer Symptoms and Prevention in Hindi

अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च के अनुसार दुनिया के टोटल कैंसर केसेस में से लगभग एक तिहाई केसेस को स्वस्थ जीवनशैली (healthy lifestyle) अपनाकर रोका जा सकता है।

कैंसर तब होता है जब शरीर के सेल्स में किसी कारणवस असामान्य ग्रोथ होने लगती है। इस असामान्य ग्रोथ का सबसे मुख्य कारण हैं – कुछ महत्वपूर्ण जीन खासतौर से सेल्स के डीएनए का डैमेज हो जाना या उनमें म्युटेशन होना।

जीन को डैमेज करने वाले मुख्य कारण निम्न हैं – धूम्रपान (smoking), अल्प खुराक (poor diet), इन्फेक्शन, कैंसर पैदा करने वाले रसायन और अल्ट्रावायलेट किरणों के डायरेक्ट संपर्क में आ जाने के कारण

कैंसर के लक्षण निम्न हैं –

  • अचानक वजन कम होना – ज्यादातर कैंसर के मरीजों में अचानक बिना किसी कारण वजन कम हो जाता है। मेडिकल भाषा में इसे unexplained weight loss कहा जाता है। अचानक 4 kg या इससे अधिक वजन कम होना कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह समस्या अधिकतर अग्नाशय के कैंसर (pancreatic cancer), पेट के कैंसर (stomach cancer), esophagus cancer और फेफड़ों के कैंसर (lung cancer) में होती है।
  • बुखार आना – कैंसर के लगभग सभी मरीजों में बार-बार बुखार आने की समस्या काफी आम है। कैंसर जितना ज्यादा फैल जाता है बुखार आने की आवृत्ति भी उतनी ही ज्यादा होती है, खासतौर से तब जब कैंसर ने रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी सिस्टम) पर अपना प्रभाव डाला हो। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण शरीर को अंदरूनी इन्फेक्शन से लड़ने में मुश्किल होती है और बार-बार बुखार आने लगता है। ब्लड कैंसर जैसे leukemia और lymphoma में बुखार आने की समस्या ज्यादा होती है।
  • अत्यधिक थकान महसूस होना – अत्यधिक थकान होना जो खूब आराम करने के बाद भी न जाये तो यह भी कैंसर होने का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। थकान होने का मुख्य कारण होता है कैंसर के कारण ब्लड या एनर्जी की कमी हो जाना।
  • दर्द होना – कुछ कैंसर्स जैसे हड्डियों या वृषण (testicular) कैंसर के शुरुआत में दर्द होता है। सर में दर्द होना जो उपचार करने के बाद भी ठीक न हो तो यह ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। पेट (colon), मलाशय (rectum) या अंडाशय (ovary) के कैंसर में पीठ या कमर दर्द की समस्या हो सकती है। लेकिन अधिकतर मामलों में दर्द तब होता है जब कैंसर अपना पाँव पूरी तरह से पसार चुका होता है।
  • त्वचा में परिवर्तन आना – स्किन कैंसर होने पर त्वचा पर इसके संकेत देखे जा सकते हैं। यह संकेत निम्न हो सकते हैं – त्वचा में कालापन आना (hyperpigmentation), त्वचा और स्किन का पीला पड़ना (पीलिया), त्वचा पर लाल-लाल चकत्ते पड़ना (erythema), खुजली होना (itching) और स्किन पर अत्यधिक बाल उगना (excessive hair growth).

नोट – ऊपर दिए गए लक्षण ज्यादातर कैंसर के मरीजों में पाए जाने वाले शुरुआती संकेत हैं। इसके आलावा अलग-अलग कैंसर के प्रकारों में अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं।

कैंसर से बचने के उपाय

कुछ निवारक उपायों को अपनाकर और जीवन शैली में बदलाव लाकर कैंसर की बीमारी से बचा जा सकता है। यहाँ पर कैंसर से बचने के 10 सबसे कारगर घरलू नुस्खे दिए जा रहे हैं –

1. धूम्रपान न करें (Stop Smoking)

सिगरेट या बीड़ी पीने से फेफड़ों का कैंसर (lung cancer) होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। धूम्रपान करने से अन्य कैंसर जैसे मुंह, गले (esophagus), कंठ (pharynx), लिवर, पेट (stomach), आंत, मूत्राशय (bladder), अग्न्याशय (pancreas), किडनी, गर्भाशय (cervix), अंडाशय (ovaries), नाक (nose) और साइनस का कैंसर होने की सम्भावना भी बढ़ जाती है। यह कुछ प्रकार की leukemia बीमारी का कारण भी बन सकता है।

सिगरेट में मौजूद कई केमिकल्स जैसे बेंजीन (benzene), पोलोनियम-210 (polonium-210), benzo[a]pyrene और नाईट्रोसेमाइन्स (nitrosamines) के कारण डीएनए और कैंसर से बचाने वाले जीन्स डैमेज हो सकते हैं।

सिगरेट में क्रोमियम भी होता है जो benzo[a]pyrene को डीएनए डैमेज करने में मदद करके स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ देता है। साथ ही, इसमें आर्सेनिक और निकेल होते हैं जो क्षतिग्रस्त डीएनए की मरम्मत प्रक्रिया (repairing process) में बाधा डालकर क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदल देते हैं।

इसलिए धूम्रपान को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए और धूम्रपान कर रहे लोगों के धुएं के संपर्क में आने से बचना चाहिए। कुछ प्राकृतिक उपायों को अपनाकर इसे छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है।

Kyoto Prefectural University of Medicine में हुई एक स्टडी के अनुसार एक्यूपंक्चर उपचार से निकोटीन की लत को कम किया जा सकता है क्योंकि यह प्लाज्मा और ब्रेन टिश्यू में सेरोटोनिन लेवल को बढ़ा देता है। एक्यूपंक्चर एक प्राकृतिक उपचार होता है जिसमें स्किन को सुई से चुभोया जाता है। इसकी अधिक जानकारी के लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिप्नोथेरेपी (सम्मोहन चिकित्सा) से भी धूम्रपान की लत को छोड़ा जा सकता है। इसके आलावा मैडिटेशन (ध्यान लगाना) और हाथों और कानों की मालिश करना भी फायदेमंद होता है।

2. शराब कम पियें या पूरी तरह से छोड़ दें

कई शोधों से यह पता चला है कि शराब का सेवन करने से oral cavity, esophagus और larynx का कैंसर होने की सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। इसके आलावा, इसके कारण पेट (stomach), मलाशय (rectum), लिवर, स्तन (breast) और अंडाशय (ovaries) का कैंसर भी हो सकता है।

शराब के सेवन से टिश्यू डैमेज हो जाते हैं, सेल्स का डीएनए चेंज हो जाता है और धीरे-धीरे कैंसर पैदा हो जाता है। यह डीएनए को रिपेयर होने से भी रोकता है और tumor immune surveillance (ट्यूमर प्रतिरक्षा निगरानी) को दबा देता है।

इसलिए शराब का सेवन करने से बचें और कैंसर की सम्भावना को कम करें। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार हर 24 घंटों में पुरुषों को 2 ड्रिंक्स और महिलायों को 1 ड्रिंक से अधिक शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।

3. शारीरिक रूप से सक्रिय रहें (Be Physically Active)

नियमित व्यायाम करने से शरीर की विभिन्न गतिविधियाँ ठीक रहती हैं जिससे दिल की बीमारी, डायबिटीज (मधुमेह) और कैंसर की सम्भावना कम हो जाती है।

मोटापा कई प्रकार के कैंसर का सबसे मुख्य कारण होता है। शारीरिक रूप से एक्टिव रहने से हॉर्मोन लेवल ठीक रहता है और इम्यून सिस्टम ठीक से काम करता है।

2014 में अमेरिकन जर्नल ऑफ नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार शारीरिक निष्क्रियता या अत्यधिक आलस्य के कारण colon, endometrial और lung cancer होने की सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

रोज कम से कम 75 मिनट के लिए तीव्रता वाली एक्सरसाइज जैसे रनिंग, प्लेयिंग आदि करें और 150 मिनट के लिए मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज जैसे वाल्किंग, बाइकिंग, घर के कामकाज और बागवानी (gardening).

साथ ही, एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठे न रहें और अधिक देर तक टीवी न देखें।

4. वजन को कण्ट्रोल में रखें (Maintain a Healthy Weight)

अधिक वजन वाले या अत्यधिक मोटे लोगों में कैंसर होने की सम्भावना ज्यादा होती है। मोटापा वसा ऊतकों के फिजियोलॉजिकल फंक्शन में बदलाव आने का कारण बन सकता है जिससे इन्सुलिन रेजिस्टेंस और क्रोनिक इन्फ्लामेशन बढ़ जाता है। इन फैक्टर्स के कारण विभिन्न प्रकार के कैंसर होने की रिस्क बढ़ जाती है।

यदि आपके शरीर में एक्स्ट्रा फैट है तो उसे कम करने के लिए उचित कदम उठायें।

5. सूरज की हानिकारक किरणों से बचें

सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से मेलेनोमा (Melanoma) नामक सबसे गंभीर स्किन कैंसर हो सकता है। अल्ट्रावायलेट किरणों में हाई एनर्जी होती है जो एटम और मॉलिक्यूल्स से इलेक्ट्रान निकालकर उन्हें ionizing radiation (आयनीकरण विकिरण) में बदल देती हैं। यह रेडिएशन सेल्स के डीएनए को डैमेज कर देते हैं जिससे स्किन कैंसर हो जाता है।

लेकिन सुबह की सूरज की रोशनी में 15 मिनट के लिए बैठना फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे हमारे शरीर को विटामिन डी मिलता है। साथ ही, सुबह की सूरज की रोशनी में अल्ट्रावायलेट किरणों की मात्रा काफी कम होती है इसलिए इनसे कोई नुकसान नहीं होता।

स्किन कैंसर से बचने के लिए दोपहर को धूप में न निकलें। यदि दोपहर को निकलना ज्यादा जरूरी है तो अपने शरीर को जितना हो सके उतना ढककर निकलें और आँखों पर sun glass लगायें। आप अपनी स्किन पर सनस्क्रीन भी लगा सकते हैं।

6. नियमित रूप से डॉक्टर से जाँच कराते रहें

नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराते रहने से कैंसर का शुरुआती अवस्था में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे वह गंभीर रूप नहीं ले पाता और आसानी से कण्ट्रोल हो जाता है।

यदि आप 40 साल से ज्यादा उम्र की महिला हैं हर साल एक बार ब्रैस्ट कैंसर की जाँच कराएँ।

45 साल से ऊपर के प्रत्येक व्यक्ति (महिला या पुरुष) को पेट के कैंसर (colon cancer) की जाँच करते रहना चाहिए।

7. अत्यधिक एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग न करें

एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टीरियल इन्फेक्शन को रोकने के काम आती हैं। यह कुछ वायरस के द्वारा फैलाये गए कोल्ड और इंफ्लुएंजा को ठीक नहीं कर सकतीं। इसलिए इनका ज्यादा प्रयोग न करें।

एंटीबायोटिक्स के अधिक सेवन से शरीर की कैंसर से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है। साथ ही, एंटीबायोटिक्स आंत और पेट में मौजूद फायदेमंद बैक्टीरिया को भी खत्म कर देती हैं जिससे भोजन ठीक से नहीं पच पाता और शरीर को जरूरत अनुसार पोषक तत्व नहीं मिल पाते।

आँतों में फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दही (yogurt), खट्टी गोभी (sauerkraut) और किमची का अधिक सेवन करें।

8. स्वस्थ आहार (Healthy Diet) का अधिक सेवन करें

नियमित हेल्थी डाइट लेने से शरीर तो स्वस्थ रहता ही है साथ ही कैंसर की सम्भावना भी कम हो जाती है।

  • अत्यधिक कैलोरी वाले और फैट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे आलू चिप्स, पराठे, तला-भुना भोजन आदि का सेवन न करें। इनकी जगह हरी सब्जियां और फलों का अधिक सेवन करें।
  • अधिक शुगर वाले खाद्य पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, कैंडी, मीठी चाय आदि का सेवन न करें।
  • प्रोसेस्ड मीट जैसे रेड मीट, हॉट डॉग्स, सॉस आदि का सेवन भी न करें।
  • परिष्कृत अनाज (refined grains) की जगह साबुत अनाज (whole-grain) से बने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें।

ऊपर दिए गए उपायों को नियमित अपनाने से आप कैंसर की बीमारी से बचे रह सकते हैं। आधे से अधिक कैंसर के मामले अनियमित लाइफस्टाइल और खानपान के कारण होते हैं इसलिए हेल्थी लाइफस्टाइल अपनाएं, नियमित योग और व्यायाम करें और स्वस्थ भोजन का सेवन करें।

14 Responses

  1. पायल कहते हैं:

    मेरा नाम पायल है। मेरे हर 6 महीने में सिर बहुत दर्द होता है और ठीक नहीं होता है। और मेरी आँखों में 4 महीने से ज्यादा दर्द हो रहा है, ऑंखें लाल हो रही हैं और पानी बहुत निकल रहा है और बंद नहीं हो रहा है। मेरी उम्र ज्यादा नहीं है, मैं सिर्फ 21 साल की हूँ और बुखार तो 24 घंटे रहता है। प्लीज मेरी मदद करें मैं क्या करूँ, मेरे पास ट्रीटमेंट के लिए कुछ नहीं है।

  2. शशि कहते हैं:

    मेरे पति को गर्दन में कैंसर है. क्या मुझे बच्चा पैदा करना चाहिए या नहीं. मेरी उम्र 40 है.

  3. Komal verma कहते हैं:

    My name is komal.l m student .Mere brest me ganth h aur pain bhi krti h aise lgta h aur lgta h koi needle chubho rha h kya kru chaekup kraya h to kuchh ni nikla h

  4. दिव्यांशु कहते हैं:

    सर मेरे सर में हल्का दर्द रहता है और चक्कर भी आते हैं, क्या कारण हो सकता है.

  5. प्रमोद तिवारी कहते हैं:

    मेरी उम्र 32 साल है, मेरा शरीर अचानक काला हो रहा है और एक दम आलस्य सा लगता है, कुछ करने को मन नहीं कर रहा है.

  6. प्रदीप सिंह कहते हैं:

    मेरा वजन 15 किलो कम हो गया है पिछले 6 महीने से, क्या मुझे कैंसर हो सकता है?

  7. अनिल कहते हैं:

    मैं तीन महीने से बीमार हूँ, कैंसर हो सकता है क्या?

  8. saunu singh कहते हैं:

    i am doing smoking but this time leave smoking

  9. अवनी कहते हैं:

    प्लीज हेल्प मेरी माँ को कैंसर है और आज तो उनके सारे बाल झड़ गए, इसका क्या मतलब है उनको दूसरी बार हुआ है कैंसर पहले तो ऑपरेशन हो गया लेकिन इस बार डॉक्टर ने माना कर दिया, उनके पास अब कितना बचा है प्लीज बताओ.

  10. अभी कहते हैं:

    मेरे गले में दर्द है, ठीक नहीं हो रहा है. ब्लड तो नहीं आता है खांसी भी नहीं है फिर दर्द क्यूँ हो रहा है.

  11. भगवान महाजन कहते हैं:

    मेरी मदर को पेट में गांठ है और कैंसर के कुछ लक्षण हैं. जैसे मुंह में छाले आना और ठीक न होना. उल्टी होना और भूख न लगना. डॉक्टर उनका टी.बी. का इलाज कर रहे हैं, कृपया अपना सुझाव दें.

  12. उर्मिला कहते हैं:

    मेरी दादी को भी यह बीमारी है मैं बहुत परेशान हूँ.

  13. आदित्य वर्मा कहते हैं:

    मेरी उम्र 18, मैं 15 साल की उम्र से स्मोकिंग कर रहा हूँ लेकिन 2 महीने पहले सब छोड़ दिया. मुझे कुछ नुकसान हो सकता है क्या?

  14. किशोर कहते हैं:

    हाँ यह उपाय प्रभावशाली हैं.

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