ब्रैस्ट कैंसर के लक्षण, कारण और बचने के 10 उपाय – Breast Cancer Symptoms and Prevention in Hindi

ब्रैस्ट कैंसर या स्तन कैंसर सबसे ज्यादा होने वाले कैन्सर्स में से एक है। यह किसी भी महिला को हो सकता है और इसके होने का मुख्य कारण आज तक पता नहीं लग पाया है। लेकिन कुछ फैक्टर्स ब्रैस्ट कैंसर की सम्भावना को बढ़ा देते हैं।

इनमें सबसे मुख्य फैक्टर्स (कारक) हैं – बढ़ती उम्र (increasing age), जेनेटिक फैक्टर जिसके कारण परिवार की महिलायों में सालों से स्तन कैंसर होता आ रहा है (family history of breast cancer), हानिकारक रेडिएशन के संपर्क में आना (exposure to radiation), रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोन रिप्लेसमेंट होना (hormone replacement during menopause), छोटी उम्र में ही मासिक धर्म का प्रारंभ हो जाना (menstruation starting at an early age) और बुढ़ापे में बच्चे को जन्म देना या फिर जिंदगी भर बच्चे को जन्म न देना

चूंकि स्तन कैंसर ज्यादातर महिलायों में होता है, लेकिन यह पुरुषों में भी हो सकता है।

जो महिलाएं हर वर्ष मैमोग्राफी स्क्रीनिंग कराती हैं, उनमें अन्य के मुकावले ब्रैस्ट कैंसर से डेथ होने की सम्भावना कम होती है।

ब्रैस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण, चेतावनी संकेत और स्तन में बदलावों का ध्यान रखकर आप इसको गंभीर होने से पहले ही उचित इलाज करा सकती हैं। यहाँ पर ब्रैस्ट कैंसर के कुछ शुरुआती लक्षण और चेतावनी संकेत दिए जा रहे हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण अपने स्तनों में दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर जाँच कराकर उचित इलाज कराएँ।

1. स्तन या कांख के आसपास गांठ होना (Lump in the Breast or Armpit)

स्तन या कांख के आसपास गांठ का होना ब्रैस्ट कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह गांठ ज्यादातर ठोस होती है और इसमें कोई दर्द नहीं होता। लेकिन कुछ मामलों में इसमें दर्द भी हो सकता है।

यदि आपको गांठ है तो भयभीत न हों, क्योंकि यह हमेशा कैंसर का कारण नहीं होती। स्तन में गांठ होने के अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे शरीर में हॉर्मोन्स का बदलाव, ब्रैस्ट में इन्फेक्शन होना या टिश्यू का डैमेज होना। इसलिए जब भी आपको ब्रैस्ट या कांख में गांठ महसूस हो तो डॉक्टर से जाँच कराकर इसके होने का सही कारण पता लगायें।

2. स्तन में लालिमा या सूजन होना (Red or Swollen Breasts)

जब भी ब्रैस्ट में दर्द या सूजन होती है तो ज्यादातर महिलाएं यही सोचती हैं कि यह प्रागार्तव (premenstrual syndrome) के कारण हो रहा है और जब भी ब्रैस्ट में गर्माहट महसूस होती है और यह लाल दिखने लगते हैं तो उन्हें लगता है कि यह इन्फेक्शन के कारण है और कुछ दिनों में ठीक हो जायेगा। लेकिन ब्रैस्ट में सूजन, दर्द और रेडनेस (लालिमा) होना भी कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

स्तन के अन्दर मौजूद ट्यूमर टिश्यू के ऊपर दबाव डालता है जिससे उनमें सूजन, दर्द और रेडनेस होने लगती है। कुछ मामलों में यह सूजन कांख या पसली के आसपास भी हो सकती है।

इसलिए यदि आपको यह लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।

3. निप्पल निर्वहन (Nipple Discharge)

निप्पल को बिना दबाये या टच करे ही यदि वह डिस्चार्ज हो जाते हैं तो यह भी एक कैंसर का कारण हो सकता है। यदि स्तन से दूध के आलावा कोई और पदार्थ जैसे मवाद, रक्त आदि निकलता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

जब दुग्ध नलिकाओं (milk ducts) में ट्यूमर बनने लगता है तो यह उनमें प्रेशर पैदा करने लगता है जिससे अपने निप्पल डिस्चार्ज होने लगता है।

4. स्तनों या छाती के आसपास दर्द होना (Pain in the Breast or Chest Area)

यदि आपको ब्रैस्ट या छाती के आसपास दर्द, खुजली या तेज चाकू लगने जैसा अनुभव होता है तो यह अच्छा संकेत नहीं है। ब्रैस्ट में तेज दर्द होना या करंट लगने जैसा अनुभव होना भी ब्रैस्ट कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

चूंकि यह जरूरी नहीं कि स्तनों में दर्द होने पर कैंसर ही हो, क्योंकि किसी अन्य अन्य हेल्थ प्रॉब्लम के कारण भी यह समस्या हो सकती है। कई बार शरीर में हार्मोनल परिवर्तन के कारण भी स्तनों में दर्द होने लगता है। इसलिए जब भी आपको दर्द हो तो डॉक्टर से जाँच कराकर उचित ट्रीटमेंट लें।

5. स्तन के रूप में बदलाव आना (Changes in Breast Appearance)

स्तन के शेप या साइज में किसी भी प्रकार का बदलाव आना भी चिंता का विषय हो सकता है। आपको अपने स्तनों की साइज, विषमता और सरफेस में बदलाव का ध्यान रखना भी जरूरी है।

ब्रैस्ट के अन्दर अनियमित टिश्यू ग्रोथ होने के कारण उसके शेप और साइज में बदलाव आता है।

चूंकि इन बदलावों को देख कर ही पता लगाया जा सकता है, इसलिए रोज आइने के आगे अपने स्तनों के शेप, साइज और सरफेस की जाँच किया करें।

6. निप्पल का संवेदनशील होना (Nipples Become Sensitive)

निप्पल दिखावट या संवेदनशीलता में बदलाव आना भी ब्रैस्ट कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। अक्सर ब्रैस्ट कैंसर निप्पल के बिलकुल नीचे मौजूद होता है जिससे निप्पल की दिखावट और संवेदनशीलता में बदलाव आ सकते हैं। इसके आलावा निप्पल टेड़ा, चपटा या दांतेदार भी हो सकता है।

7. स्तनों में खुजली होना (Itching on the Breasts)

स्तनों में बिना किसी कारण खुजली होना भी ब्रैस्ट कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है, लेकिन यह बहुत ही दुर्लभ कारण है। यह ज्यादातर इन्फ्लामेट्री ब्रैस्ट कैंसर के केसेस में होता है। ट्यूमर के कारण ऊपर की स्किन लाल, सूजी हुई, दर्दनाक और खुजलीदार हो सकती है।

इस दौरान खुजली काफी ज्यादा होती है और आपको खरोंच-खरोंच कर खुजाने का मन करता है। लेकिन काफी खुजाने के बाद भी और दवा या लोशन लगाने के बाद भी खुजली से आराम नहीं मिलता।

यदि आपको अपने स्तनों में अत्यधिक होती है जो खुजलाने के बाद या दवा लगाने के बाद भी ठीक नहीं होती तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

8. पीठ के ऊपरी भाग, कन्धों और गर्दन में दर्द होना (Pain in the Upper Back, Shoulder and Neck)

जब ट्यूमर रीढ़ की हड्डी तक फैल जाता है तो पीठ के उपरी हिस्से, कन्धों और गर्दन में अचानक दर्द होने लगता है। अक्सर लोग इस दर्द को मांसपेशियों में ऐंठन, रीढ़ का ऑस्टियोआर्थराइटिस या थकान के कारण होने वाला दर्द समझने लगते हैं। यदि यह दर्द कैंसर के कारण हो रहा है तो यह मांसपेशियों को स्ट्रेच करने से या दर्द निवारक दवा खाने से ठीक नहीं होगा।

इसलिए यदि आपको अपनी ऊपरी पीठ, कन्धों और गर्दन में दर्द रहता है जो बहुत नुस्खे अपनाने के बाद भी ठीक नहीं होता तो तुरंत अपने डॉक्टर से ब्रैस्ट कैंसर की जांच कराएँ।

ब्रैस्ट कैंसर की सम्भावना को कम करने के टिप्स

  • नियमित रूप से डॉक्टर से अपने स्तनों की स्क्रीनिंग कराती रहें।
  • खुद भी अपने स्तनों की नियमित जांच करें और कोई बदलाव दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • मोटापा और वजन को नियंत्रण में रखें
  • रोज कम से कम 30 मिनट के लिए एक्सरसाइज और योग करें।
  • पर्याप्त नींद लें
  • अत्यधिक शराब का सेवन और धूम्रपान न करें।
  • कैंसर का कारण बनने वाले केमिकल्स से दूर रहें।
  • यदि आप माँ बन चुकी हैं तो कम से कम 8 महीने के लिए अपने बेबी को दूध पिलाती रहें।

नियमित रूप से हेल्थी डाइट लेने से भी ब्रैस्ट कैंसर होने की सम्भावना को कम किया जा सकता है। कुछ खाद्य पदार्थ घातक कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद कर सकते हैं जिससे कैंसर को शुरुआत में ही रोका जा सकता है। यहाँ पर कैंसर से लड़ने वाले 10 सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं –

1. हल्दी (Turmeric)

हल्दी में curcumin नामक कंपाउंड होता है जो विभिन्न प्रकारके कैंसर सेल्स जैसे ब्रैस्ट, गैस्ट्रोइंटेस्टिनल, लंग और स्किन कैंसर को रोकता है।

शोधों से यह पता चला है कि हल्दी में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लामेट्री और रक्षा करने वाली प्रॉपर्टीज होती हैं जो ब्रैस्ट कैंसर से लड़ने में काफी मदद करती हैं और इसे फैलने से रोकती हैं।

आप अपने भोजन में रोज थोड़ा सा हल्दी पाउडर मिलाकर या रोज सुबह खाली पेट एक चुटकी हल्दी को पानी के साथ सेवन करके curcumin के सुरक्षात्मक फायदे प्राप्त कर सकती हैं। या फिर एक गिलास पानी में आधा चम्मच हल्दी डालकर 10 मिनट के लिए गर्म करें और फिर इसका सेवन करें।

नोट – यदि आप ब्लड थिनर्स (रक्त को पतला करने वाली मेडिसिन्स) लेती हैं या आपको पित्ताशय (gallbladder) की समस्या है तो हल्दी का सेवन न करें। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

2. सैल्मन मछली

सैल्मन मछली में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं जो कैंसर ट्यूमर की ग्रोथ को कम कर देते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते हैं। साथ ही, सैल्मन मछली में भरपूर मात्रा में विटामिन बी12 और डी पाया जाता है। यह सभी एलिमेंट्स सेल ग्रोथ को नियंत्रित करने के लिए और कैंसर सेल्स को रोकने के लिए जरूरी होते हैं।

आप सैल्मन मछली को उबालकर, पकाकर या भूनकर सेवन कर सकती हैं। अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए हफ्ते में कम से कम 200 ग्राम सैल्मन मछली का सेवन करें। सैल्मन के आलावा अन्य ब्रैस्ट कैंसर को रोकने वाली मछलियां हैं – mackerel (छोटी समुद्री मछली), सार्डिन (sardines), ट्राउट (trout), सी बास (sea bass) और टूना (tuna) मछली।

3. टमाटर (Tomatoes)

एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबोलिज्म में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार टमाटर का नियमित सेवन करने से रजोनिव्रत्ति के बाद की महिलायों में ब्रैस्ट कैंसर होने की सम्भावना काफी कम हो जाती है।

टमाटर में लाइकोपीन (lycopene) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कैंसर सेल्स की ग्रोथ को रोककर ब्रैस्ट कैंसर को बनने से रोक सकता है। इसके

आप टमाटर को पकाकर, सलाद के रूप में या फिर जूस बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। हालांकि रोज एक गिलास टमाटर का जूस पीना ज्यादा फायदेमंद होता है।

4. लहसुन (Garlic)

कई शोधों से पता चला है कि लहसुन में मौजूद सल्फर कंपाउंड्स, flavones और flavonols ब्रैस्ट कैंसर को रोकते हैं। अधिक फायदा लेने के लिए पहले लहसुन को अच्छी तरह से छीलकर काट लें और फिर 15 मिनट के लिए एक जगह रख दें। इसके बाद इन्हें पकाकर सेवन करें। आप रोज सुबह खाली पेट एक टुकड़े लहसुन को चबाकर भी खा सकते हैं।

नोट – यदि आप ब्लड थिनर्स या कोई अन्य मेडिसिन का सेवन करती हैं तो लहसुन का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

5. अलसी (Flaxseed)

अलसी में अत्यधिक मात्रा में lignans पाए जाते हैं जो एस्ट्रोजन-डिपेंडेंट कैंसर जैसे ब्रैस्ट को बनने से रोकते हैं। अलसी और अलसी का तेल, ALA नामक एसेंशियल ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का गिने चुने हुए स्त्रोतों में से एक है, जो कैंसर सेल्स के विरुद्ध प्रोटेक्टिव शील्ड बनाता है।

आप अपने भोजन में अलसी के पाउडर या तेल को मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

6. पालक (Spinach)

पालक में lutein नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो स्तन, मुंह और पेट के कैंसर से प्रोटेक्ट करता है। इसमें zeaxanthin और carotenoids भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को बाहर निकलने में मदद करते हैं।

हर महिला को हफ्ते में कम से कम दो तीन बार पालक का सेवन जरूर करना चाहिए। पालक के आलावा आप अन्य हरी पत्तियों वाली सब्जियां जैसे गोभी, हरा कोलार्ड (collard greens) और रोमेन सलाद (romaine lettuce) का भी सेवन कर सकती हैं।

7. ब्रोकोली (Broccoli)

ब्रोकोली में indole-3-carbinol नामक कैंसर-फाइटिंग कंपाउंड्स पाए जाते हैं एस्ट्रोजन मेटाबोलिज्म को बदलकर ट्यूमर की ग्रोथ को रोकने में मदद करते हैं।

रोज डेढ़ कप ब्रोकोली का सेवन करने से ब्रैस्ट कैंसर से बचा जा सकता है। कच्ची ब्रोकोली पके के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होती है। आप ब्रोकोली फैमिली की अन्य सब्जियां जैसे पत्तागोभी और फूलगोभी का सेवन भी कर सकती हैं।

8. ब्लूबेरी (Blueberry)

ब्लूबेरी में भरपूर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो ब्रैस्ट कैंसर को रोकने में मदद करते हैं। ब्लूबेरी में फाइटोकेमिकल्स भी पाए जाते हैं जो किसी भी प्रकार के कैंसर को बनने से रोकते हैं। साथ ही, ब्लूबेरी में एललगिक एसिड (ellagic acid) नामक एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जिसमें एंटी-कैंसर प्रॉपर्टीज होती हैं।

ब्लूबेरी का अधिक फायदा लेने के लिए इन्हें ताजा सेवन करें। ब्लूबेरी के आलावा अन्य बेर्री जैसे स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी, ब्लैकबेरी और क्रैनबेरी भी फायदेमंद होती हैं।

9. अनार (Pomegranate)

अमेरिकन रिसर्च से पता चला है कि अनार में urolithin B जैसे नेचुरल कंपाउंड्स पाए जाते हैं जो एस्ट्रोजन को रोकते हैं, जिससे हॉर्मोन के कारण होने वाले ब्रैस्ट कैंसर को रोकने में मदद मिलती है।

साथ ही, अनार में एललगिक एसिड (ellagic acid) जैसे पॉलीफेनॉल्स पाए जाते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं। यह एस्ट्रोजन को ब्रैस्ट कैंसर को बढ़ावा देने से रोकते हैं।

आप अनार को खाकर या जूस बनाकर सेवन कर सकती हैं। हर दो दिन में एक अनार का सेवन करें।

10. अखरोट (Walnut)

अखरोट में अत्यधिक मात्रा में पोषक पदार्थ पाए जाते हैं जो शरीर की इन्फ्लामेशन से लड़ने में मदद करते हैं और स्तन कैंसर कि ग्रोथ को रोकते हैं।

मार्शल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने रिसर्च के जरिये यह पता लगाया है कि रोज कम से कम 50 ग्राम अखरोट का सेवन करने से ब्रैस्ट कैंसर को बढ़ावा देने वाले जीन की एक्टिविटी में बदलाव आता है जिससे ब्रैस्ट कैंसर होने की सम्भावना कम हो जाती है।

स्तन कैंसर से बचे रहने के लिए ऊपर दिए खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन करें और साथ ही रेगुलरली डॉक्टर से जांच भी कराती रहें।

24 Responses

  1. विनय कुमार चौधरी कहते हैं:

    सीने में हल्का दर्द है क्या करूँ?

  2. अनु कहते हैं:

    मेरे ब्रैस्ट में दर्द होता है और निप्पल में कभी-कभी पानी जैसा निकलता है। क्या करूँ प्लीज मदद करें।

  3. निधी कहते हैं:

    मेरी बहन को दूध मे से खून आ रहा है

  4. सीमा कहते हैं:

    मेरे ब्रैस्ट के निप्पल कड़क हैं, क्या यह कैंसर का लक्षण है?

  5. Vijay meena कहते हैं:

    रोज गर्म पानी में नमक और आयल डालकर मालिश करो.

  6. Vijay meena कहते हैं:

    Google pe breast cancer ko door karne ke dekho or practical karo , theek ho jaogi . God bless you

  7. रवि सिंह कहते हैं:

    मेरा नाम ravi सिंह है मैं लिमिटेड कम्पनी में काम करता हूँ. मेरी बीबी के स्तनों में गांठ है और दबाने पर दर्द होता है. क्या करना चाहिए?

  8. अंजुम कहते हैं:

    मेरे ब्रैस्ट को दबाने से हल्का-हल्का दर्द होता है, मैं क्या करूँ?

  9. महर कहते हैं:

    मेरे ब्रैस्ट में दबाने पर दर्द होता है और ठंड के मौसम में बगैर दबाये और बहुत ज्यादा होता है. बताएं मैं क्या करूँ.

  10. मोनिका कहते हैं:

    मेरे सीधे तरफ स्तन में गांठ है में क्या करूँ

  11. Chitra कहते हैं:

    Sir, my mother(67 years) had a shoulder fracture and was undergoing physiotherapy for 2 months. she has recently noticed a lump between her armpit and breast about 1.5 inches, it has no pain but moves when pressed.
    Can you please suggest causes Bd remedies for the same.

    Thanks
    Chitra

  12. रूबी देव कहते हैं:

    पीप निकलता है, क्या करूं?

  13. नसरीन खान कहते हैं:

    मेरे ब्रैस्ट के निचले पार्ट में गांठ है, दबाने से दर्द करता है. कनकनाहट भी महसूस होती है.

  14. सूमो कहते हैं:

    मेरा एक ब्रैस्ट बड़ा है और एक छोटा है, इसका क्या कारण है.

  15. नीलम कहते हैं:

    ब्रैस्ट में पानी निकलता है.

  16. निशा कहते हैं:

    सर मेरा नाम निशा है, मेरे ब्रैस्ट से पानी निकलता है, मैं क्या करूँ?

  17. आयेशा अंसारी कहते हैं:

    मेरे breast का साइज बढ़ रहा है और दर्द भी होता है दबाने पर. प्लीज बताएं मुझे क्या करना चाहिए?

  18. भारती कहते हैं:

    मेरी ब्रैस्ट में एक गांठ है और पानी निकलता है और बाजू के निचले हिस्से में दर्द होता है.

  19. मीरा कहते हैं:

    मेरे ब्रैस्ट से पानी जैसा आता है, मुझे क्या हुआ है?

  20. वैशाली कहते हैं:

    मेरे ब्रैस्ट में से पानी निकलता है दबाने पर.
    क्यों निकलता है, मुझे प्रॉब्लम भी नहीं आई 4 महीने हो गए.

  21. कविता कहते हैं:

    सर मेरे breast में दोनों साइड दर्द रहता है, कभी-कभी तेज सिलकन होती है। दोनों अंडर-आर्म्स में गांठ है, मैं क्या करूँ प्लीज सुझाव दें।

  22. मारूफ कहते हैं:

    पेर मे गाठ हे अच्छा उपाय क्या ह

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