एसिडिटी के 10 घरेलू उपचार – Acidity Home Remedies in Hindi

एसिडिटी या पेट की गैस की समस्या पेट में डाइजेस्टिव एसिड्स असंतुलन के कारण होती है। इसके सामान्य लक्षण हैं – पेट में दर्द, पेट में गैस, जी मचलन, खट्टी डकार आना और पेट में जलन होना। यह काफी कॉमन बीमारी है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को कभी भी हो सकती है।

एसिडिटी होने के सबसे मुख्य कारण हैं – अत्यधिक तले भुने और मसालेदार भोजन का सेवन, व्यायाम या फिजिकल एक्सरसाइज न करना, अनियमित खानपान, अनियमित जीवनशैली, तनाव या डिप्रेशन, अत्यधिक शराब का सेवन आदि।

घर पर ही कुछ आसान नुस्खों को अपनाकर एसिडिटी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। उदहरण के लिए, सबसे पहले खूब पानी पियें जिससे पेट की एसिड बेअसर हो जाये और पेट से बाहर निकल जाये।

यदि आपको एसिडिटी बार-बार होती है, तो रोज रात को सोने से पहले और सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुने पानी का सेवन करें। लेकिन खाना खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद में पानी का सेवन न करें, क्योंकि इससे पाचन में गड़बड़ी आती है।

ऐसे ही कई घरेलू उपचार हैं जिनको अपनाकर पेट की एसिडिटी को घर पर ही ठीक किया जा सकता है। ऐसे 10 सबसे कारगर घरेलू नुस्खे नीचे दिए जा रहे हैं –

1. तुलसी की पत्तियां

तुलसी की पत्तियों में सुखदायक, वायुनाशक और वातहर गुण होते हैं जो एसिडिटी, पेट की गैस और जी मचलने की समस्या में तुरंत राहत प्रदान करते हैं।

  • पेट में गड़बड़ी महसूस होते ही तुरंत कुछ तुलसी की पत्तियों को चबाकर खाएं।
  • या फिर, एक कप पानी में चार-पांच तुलसी की पत्तियों को डालकर उबालें और फिर कुछ मिनट्स के लिए ठंडा होने के लिए रख दें। अब इसमें स्वादानुसार शहद मिला लें और पी लें।

2. दालचीनी

दालचीनी पाचन तंत्र के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। यह नेचुरल एंटासिड (प्राकृतिक अम्लत्वनाशक) की तरह काम करती है और पेट की गैस को शांत करने में मदद करती है।

  • एक कप पानी में आधा चम्मच दालचीनी मिलाएं।
  • अब इस पानी को कुछ मिनट्स के लिए उबालें।
  • इस दालचीनी की चाय का सेवन दिन में दो या तीन बार करें।

आप दालचीनी को सलाद या सूप में डालकर भी सेवन कर सकते हैं।

3. छाछ

एसिडिटी का एक और सरल घरेलू है छाछ का सेवन। इसमें लैक्टिक एसिड होती है जो पेट में एसिड्स को बेअसर कर देती है।

  • एक गिलास छाछ लें। अब इसमें थोड़े से मेथी के बीजों का पाउडर मिलाकर सेवन करें। एसिडिटी के कारण जब भी पेट में दर्द हो तो इसका सेवन करें।
  • अच्छे रिजल्ट पाने के लिए, छाछ में काली मिर्च का पाउडर या धनिये की पत्तियों के रस को डालकर सेवन करें।

4. सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर)

एसिडिक नेचर का होते हुए भी सेब के सिरके का alkalizing प्रभाव होता है। इसलिए यह भी पेट की एसिडिटी को दूर करने में मदद करता है।

  • एक चम्मच कच्चे और बिना छने सेब के सिरका को एक कप पानी में घोलें।
  • इसे दिन में एक या दो बार सेवन करें। आप इसे खाने से पहले भी सेवन कर सकते हैं।

5. लौंग

लौंग में carminative प्रभाव होता है जो पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड को बढ़ाकर एसिडिटी और पेट की गैस को खत्म करने में मदद करता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पेट में एसिड्स की कमी के कारण भी एसिडिटी हो सकती है।

  • दो तीन लौंग को खूब चबाकर-चबाकर खाएं जिससे उसका जूस आपके पेट में चला जाये।
  • या फिर, लौंग और इलाइची को एक साथ कूट लें और सेवन करें। यह पेट में एसिड के प्रभाव को कम करेंगी और सांसो को तरोताजा करके खट्टी डकारों से राहत प्रदान करेंगी।

6. जीरा

जीरा भी एसिडिटी उपचार में काफी फायदेमंद होता है क्योंकि यह पेट में acid neutralizer की तरह काम करता है। साथ ही यह पाचन को भी ठीक करता है और पेट दर्द में राहत प्रदान करता है।

  • दो चम्मच जीरा को भूनकर पीस लें और एक गिलास पानी में मिलाकर पी लें। इसका सेवन रोज खाने से पहले करें।
  • आप जीरा को पानी में उबालकर भी सेवन कर सकते हैं। एक कप पानी में एक चम्मच जीरा डालकर 5-10 मिनट के लिए उबालें। अब इस पानी को छानकर पी लें।
  • या फिर, एक-एक चम्मच धनिया के बीजों का पाउडर, जीरा का पाउडर और सौंफ के पाउडर को डेढ़ कप पानी में घोल लें। अब इसमें स्वादानुसार शुगर डाल दें और पी लें। इसका सेवन खाली पेट करें।

7. अदरक

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी  प्रोपर्टीज होती हैं जो एसिडिटी को ठीक करने में मदद करती हैं। अदरक का जूस, पेट की एसिड्स को कम करने में भी मदद करता है।

  • पेट में गैस होने पर अदरक के टुकड़ों को चबाकर खाएं।
  • या फिर, अदरक के टुकड़ों को पानी में 10 मिनट के लिए उबालें। फिर पानी को छानकर पी लें।
  • या फिर, रोज दिन में दो बार एक-एक चम्मच अदरक के जूस का सेवन करें।

8. गुड़

गुड़ पाचन को ठीक करने में मदद करता है। साथ ही पेट में इसका alkaline effect होता है जो एसिडिटी को कम करने में मदद करता है।

रोज खाना खाने के बाद एक छोटे से गुड़ के टुकड़े को चबाकर खाएं।

नोट – यदि आपको डायबिटीज है तो गुड़ का सेवन न करें।

9. सौंफ

सौंफ में carminative properties होती हैं जो पाचन को ठीक करती हैं और पेट की गैस में राहत प्रदान करती हैं।

  • खाना खाने के बाद कुछ सौंफ के बीजों को चबाकर खाएं।
  • या फिर, दो चम्मच सौंफ को एक कप पानी में डालकर उबालें और फिर पानी को छानकर पी लें। इस पानी का सेवन दिन में दो तीन बार करें।

10. ठंडा दूध

दूध पेट में गैस्ट्रिक एसिड्स को stabilize करके एसिडिटी में राहत प्रदान करता है। इसमें कैल्शियम होता है जो पेट में अत्यधिक एसिड्स को बनने से रोकता है।

इसलिए जब भी आपको एसिडिटी हो तो एक गिलास ठन्डे दूध का सेवन करें।

1 Response

  1. अंशुमन कहते हैं:

    सर मुझे नींद बहुत आती है क्या करूँ और मैं एक स्टूडेंट हूँ.

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